सरगुजा (छत्तीसगढ़):छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। सरगंवा गांव में पूजा के दौरान दिए गए प्रसाद को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों की सेहत पर खतरे की आशंका जताई जा रही है।जानकारी के अनुसार, गांव में आयोजित एक धार्मिक पूजा के दौरान 12 से 15 बकरों की बलि दी गई थी। इन्हीं बकरों में से एक बकरे को कुछ समय पहले रेबीज (पागल) कुत्ते ने काटा था, जिसकी जानकारी उस वक्त किसी को नहीं थी। पूजा के बाद उस बकरे का मांस प्रसाद के रूप में गांव में वितरित किया गया, जिसे करीब 400 लोगों ने खा लिया ।
सच्चाई सामने आते ही मचा हड़कंप
जब ग्रामीणों को बाद में यह पता चला कि जिस बकरे का मांस खाया गया, वह रेबीज संक्रमित कुत्ते के संपर्क में आया था, तो पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग डर और चिंता में आ गए और तुरंत प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 31 दिसंबर को लगेगा मेडिकल कैंप
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने बताया कि 31 दिसंबर को गांव में विशेष स्वास्थ्य जांच और वैक्सीनेशन कैंप लगाया जाएगा। डॉक्टरों की टीम ग्रामीणों की स्थिति का आकलन करेगी और जरूरत पड़ने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन दी जाएगी
क्या मांस खाने से फैल सकता है रेबीज?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी तरह पका हुआ मांस खाने से रेबीज फैलने की संभावना बेहद कम होती है, क्योंकि यह वायरस गर्मी में नष्ट हो जाता है। हालांकि, सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को हो सकता है जिन्होंने बकरे को काटा, साफ किया या कच्चे मांस को छुआ, खासकर अगर उनके हाथ में कोई घाव था।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें
- स्वास्थ्य कैंप में जरूर पहुंचें
- यदि किसी को बुखार, सिरदर्द, कमजोरी या घाव वाली जगह पर अजीब महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं
फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है और स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ स्थिति को संभालने में जुटा है।






