
रायपुर। इंडिगो एयरलाइन की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। जयपुर–इंदौर–रायपुर कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा कर रहे तिल्दा-नेवरा भाजपा शहर मंत्री दीपक चोइथवानी को रायपुर एयरपोर्ट पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब उनका चेक-इन किया गया सामान बैगेज बेल्ट पर नहीं मिला।जानकारी के अनुसार, फ्लाइट के रायपुर पहुंचने के बाद दीपक चोइथवानी को बैगेज एरिया में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन उनका बैग नहीं आया। इसके बाद उन्होंने इंडिगो के लगेज कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जहां मौजूद कर्मचारियों की ओर से कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इससे उनकी चिंता बढ़ गई, क्योंकि गुम हुए बैग में जरूरी कपड़े, महत्वपूर्ण दस्तावेज और आवश्यक दवाइयां रखी थीं।
30 मिनट तक बहस और हंगामे के बाद मिला सामा
पीड़ित यात्री के अनुसार, लगभग 30 मिनट तक बहस और हंगामे के बाद इंडिगो एयरलाइन ने उनका सामान उपलब्ध कराया। इस दौरान एयरलाइन स्टाफ का रवैया भी उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना बताया गया, जिससे यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली।
सोशल मीडिया पर जताया विरोध
घटना से आक्रोशित दीपक चोइथवानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इंडिगो एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर उन्होंने समय पर सख्ती नहीं दिखाई होती, तो सामान मिलने में और ज्यादा देरी हो सकती थी।
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइंस की बैगेज हैंडलिंग व्यवस्था और यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से न केवल समय और मानसिक शांति प्रभावित होती है, बल्कि जरूरी दवाइयों और दस्तावेजों के गुम होने से गंभीर परेशानी भी खड़ी हो सकती है।यात्रियों ने मांग की है कि इंडिगो एयरलाइन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में किसी अन्य यात्री को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।






