
जिले में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार का जायज़ा लेने निकले कलेक्टर ने आज कई विभागों के कामों का जमीनी निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि किसी भी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता से जुड़े हर प्रोजेक्ट को निर्धारित समय सीमा में ही पूरा करना होगा।कलेक्टर ने सबसे पहले किसानों को दिए जाने वाले डीबीटी अनुदान और कृषि उपकरणों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत और लाभ समय पर मिलना ही चाहिए, इसके लिए संबंधित अधिकारी तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।इसके बाद वह पहुंचे जल-जीवन मिशन के कार्यस्थल, जहाँ उन्होंने खुद पाइपलाइन, कनेक्शन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की। मौके पर मौजूद इंजीनियरों को उन्होंने दो टूक निर्देश दिए कि काम में किसी भी तरह की कमी नहीं चलने दी जाएगी। विभाग के अनुसार जिले में 167 नल-जल योजनाएं चालू हैं, जिनसे 42,415 ग्रामीण परिवारों को नल से पानी की सुविधा मिल रही है।कलेक्टर ने विशेष फसल पुनर्सर्वेक्षण (एसएमआर) की प्रगति पर भी कड़ी नजर डाली। रिपोर्ट में सामने आए 46% लंबित कार्य पर नाराज़गी जताते हुए उन्होंने आदेश दिया कि बाकी का सारा काम 100% डिजिटल प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल क्षति का मुआवज़ा समय पर मिल सके।दौरे के अंत में कलेक्टर पहुंचे धान खरीदी केंद्र, जहाँ उन्होंने किसानों से बातचीत कर खरीदी की स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान तुलाई, परिवहन और भुगतान की हर प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। किसानों को किसी भी तरह की देरी या परेशानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने चलते-चलते यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में ऐसे कई और आकस्मिक निरीक्षण होने वाले हैं।






