
महत्वपूर्ण खबर: इन राज्यों में शराब रखना और पीना है गंभीर अपराध! जेल के साथ घर भी हो सकता है सीलभारत के कुछ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध (Dry States) लागू है, जिसके तहत न सिर्फ शराब पीना, बल्कि उसका रखना, बेचना, बनाना या तस्करी करना भी एक संगीन अपराध है। इन कानूनों का उल्लंघन करने पर सिर्फ जेल ही नहीं होती, बल्कि भारी जुर्माना और कुछ मामलों में तो सम्पत्ति (जैसे घर) को सील करने या जब्त करने का भी प्रावधान है।वर्तमान में, भारत में मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध (Prohibition) लागू है:बिहारगुजरातमिजोरमनागालैंडलक्षद्वीप (केंद्र शासित प्रदेश)प्रमुख राज्यों और उनके सख्त कानून1. बिहार (Bihar)कानून: बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 (Bihar Prohibition and Excise Act, 2016)।सख्ती: यह कानून देश के सबसे सख्त शराब कानूनों में से एक है।अपराध: शराब का सेवन, निर्माण, बिक्री, परिवहन, या कब्ज़ा करना।सजा: पकड़े जाने पर जेल की सज़ा और लाखों रुपये का जुर्माना हो सकता है।सम्पत्ति सील/जब्ती: इस कानून में गंभीर मामलों में दोषी व्यक्ति की सम्पत्ति (जैसे घर या वाहन) को जब्त करने या सील करने का भी प्रावधान है, यदि वह शराब से जुड़े अपराध में इस्तेमाल होती है।2. गुजरात (Gujarat)कानून: गुजरात निषेध अधिनियम, 1949 (Gujarat Prohibition Act, 1949)।सख्ती: राज्य के गठन (1960) से ही शराब पर प्रतिबंध है।अपराध: शराब का सेवन, खरीद, बिक्री, परिवहन, या कब्ज़ा करना।सजा: शराब रखने या पीने पर भी जेल की सज़ा और भारी जुर्माना हो सकता है।विशेष नियम: राज्य में बाहर से आने वाले लोगों और विदेशियों के लिए सरकारी परमिट पर ही शराब सेवन की सीमित छूट है।सबसे सख्त प्रावधान: जहरीली या नकली शराब बनाने और बेचने पर जिसके कारण किसी की मृत्यु हो जाती है, मृत्युदंड (Death Penalty) तक का प्रावधान है।3. मिजोरम (Mizoram) और नागालैंड (Nagaland)इन राज्यों में भी शराब का सेवन और बिक्री प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने की सज़ा का प्रावधान है।जानना है ज़रूरीसंविधान का अनुच्छेद 47: भारतीय संविधान का यह अनुच्छेद राज्य के नीति निदेशक तत्वों के तहत राज्यों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पेय पदार्थों (शराब) के उपभोग पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश देता है।हर राज्य के नियम अलग: प्रतिबंध वाले राज्यों के अलावा, अन्य राज्यों में भी घर पर शराब रखने की एक कानूनी सीमा तय होती है। यदि कोई व्यक्ति उस सीमा से अधिक शराब रखता है, तो यह भी कानूनी अपराध माना जाता है और पकड़े जाने पर उस पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है।अगर आप इन “ड्राई स्टेट्स” (Dry States) में यात्रा कर रहे हैं, तो इन सख्त कानूनों का उल्लंघन करने से बचें।








