
इटावा जेल से सैफई तक मौत का मामला!उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी की इलाज के दौरान मौत, न्यायिक जांच शुरूइटावा, [आज की तारीख]उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना इटावा जिला कारागार से संबंधित है, जहां कैदी अपनी सजा काट रहा था। गंभीर रूप से बीमार होने पर उसे सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (Saifai PGI) में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई।जेल प्रशासन ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि कैदी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उसकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए, उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए सैफई के मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।मामले का विवरण:मृतक कैदी [कैदी का नाम – उपलब्ध नहीं, इसलिए सामान्य उल्लेख करेंगे] इटावा जिला जेल में [अपराध – उपलब्ध नहीं, इसलिए सामान्य उल्लेख करेंगे] के एक मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। नियमानुसार, जेल में कैदी का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा था। जब उसकी हालत अधिक खराब हुई, तो उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद उसे सैफई रेफर किया गया।न्यायिक जांच के आदेश:यह मामला जेल की कस्टडी में मौत से जुड़ा है, इसलिए नियमानुसार, एक न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की जांच की जाएगी। जेल अधीक्षक ने बताया कि शव का पंचनामा (inquest) भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कैदी की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।पोस्टमार्टम की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के तहत पूरी की जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। कैदी की मृत्यु की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस दोनों ही इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। न्यायिक जांच यह निर्धारित करेगी कि कैदी के इलाज और देखभाल में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। यह घटना एक बार फिर जेलों में बंद कैदियों के स्वास्थ्य और उपचार सुविधाओं पर सवाल खड़े करती है।








