गुना, मध्य प्रदेश। मध्यप्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। आरोप है कि बीजेपी के बूथ अध्यक्ष महेंद्र नागर और उसके साथियों ने किसान रामस्वरूप नागर (40) पर धारदार हथियारों से हमला किया और फिर ‘थार’ गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचीं उसकी बेटियों और भतीजी के साथ मारपीट करते हुए उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। यह घटना रविवार दोपहर गणेशपुरा गांव की है।गंभीर रूप से घायल रामस्वरूप को फतेहगढ़ स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल गुना लाया गया, जहां से भोपाल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान रात करीब 8 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।—
खूनी संघर्ष: खेत जाते समय हमला, ‘थार’ से कुचल दिया किसान को
जानकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे किसान रामस्वरूप नागर अपनी पत्नी विनोद बाई (38), बेटी तनीषा (17), भाई राजेंद्र (50) और भतीजी कृष्णा (17) के साथ खेत जा रहे थे। तभी पुराने जमीनी विवाद को लेकर गांव के ही करीब 10 से 15 लोग हथियार लेकर पहुंचे और उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी जीतेंद्र नागर ने अपनी थार गाड़ी सीधे रामस्वरूप पर चढ़ा दी, जिससे उसके दोनों हाथ और पैर टूट गए और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार की महिलाओं और बेटियों ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्रता करते हुए कपड़े फाड़ दिए।—
जमीन विवाद बना मौत की वजह
मृतक के परिवार के अनुसार, रामस्वरूप नागर के पास 22 बीघा जमीन थी। विवाद 6 बीघा जमीन को लेकर था, जो राजस्थान के बारां जिले के पचलावड़ा गांव में उसके मामा पप्पू नागर की थी। भाजपा नेता महेंद्र नागर ने यह जमीन गिरवी रखवाई थी और अब उसे हड़पने की कोशिश कर रहा था। रामस्वरूप इस गिरवीनामे को रद्द करवाना चाहता था। कुछ दिन पहले नाहरगढ़ थाने में इस मुद्दे पर समझौता भी हुआ था, लेकिन आरोपी पक्ष ने दोबारा हमला बोल दिया।—⚖️ BJP बूथ अध्यक्ष बना मुख्य आरोपीमुख्य आरोपी महेंद्र नागर गणेशपुरा का BJP बूथ अध्यक्ष है। वह पूर्व सरपंच रह चुका है और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि महेंद्र नागर की छवि गांव में ‘दबंग नेता’ की है, जो लोगों की जमीनें सस्ते दामों में खरीदने का दबाव बनाता है।—
पुलिस कार्रवाई शुरू, आरोपी फरार
पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर महेंद्र नागर, जीतेंद्र नागर, कन्हैयालाल, लोकेश, नवीन समेत 13 नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या, मारपीट और महिला उत्पीड़न की धाराओं में मामला दर्ज किया है।SDOP विवेक अष्ठाना ने बताया कि —> “घटना में गंभीर रूप से घायल किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।”—
वीडियो में आरोपी थार पर केक काटते दिखा
घटना के बाद एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कथित आरोपी जीतेंद्र नागर अपनी थार गाड़ी के बोनट पर रखे केक को फरसे (धारदार हथियार) से काटता दिख रहा है। केक पर ‘सिद्धू मूसेवाला’ लिखा हुआ था। परिवार का कहना है कि यह वही थार है, जिससे किसान रामस्वरूप को कुचला गया था।—
गांव में मातम, परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
इस घटना से पूरे गांव में आक्रोश और भय का माहौल है। रामस्वरूप की पत्नी विनोद बाई और बेटियां न्याय की गुहार लगा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी राजनीतिक रसूख के चलते अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।यह घटना न केवल सत्ता के अहंकार और दबंगई की मिसाल है, बल्कि इसने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। किसान की हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक जमीन विवाद जैसे झगड़े खून में तब्दील होते रहेंगे।-






