
“दूध शाकाहार नहीं है” पोस्टर पर जबलपुर में बवाल, अशांति फैलाने के आरोप में 3 लोग हिरासत मेंजबलपुर। ग्वारीघाट मार्ग पर “दूध शाकाहार नहीं है” लिखे विवादित पोस्टर लगाए जाने पर रविवार शाम को जमकर बवाल मच गया। कुछ लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और तुरंत इन पोस्टरों को हटा दिया।यह विवादित पोस्टर रामपुर चौक से ग्वारीघाट के बीच मुख्य मार्ग पर लगाए जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, ये पोस्टर ‘एनिमल से इंडिया’ नामक एक संस्था के इशारे पर लगाए जा रहे थे। पोस्टरों में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा बीफ निर्यातक होने की जानकारी दी गई थी और अधिक जानकारी के लिए यूट्यूब पर ‘मां का दूध’ सर्च करने के लिए लिखा गया था।दीपावली कार्यक्रम से पहले अशांति फैलाने का प्रयासस्थानीय लोगों ने इन पोस्टरों को विशेष वर्ग की भावनाओं को भड़काने और शहर में अशांति फैलाने का प्रयास बताया, खासकर तब जब रविवार शाम को ग्वारीघाट पर दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित होना था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और सभी पोस्टरों को हटवा दिया।भोपाल की एजेंसी से जुड़े हैं आरोपीमौके पर पोस्टर लगाते मिले तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे भोपाल की एक एजेंसी के कहने पर जबलपुर में पोस्टर लगाने आए थे। पुलिस ने आरंभिक रूप से अजय वर्मा सहित अन्य दो लोगों को आरोपी बनाया है।आरोपियों पर धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से अपमानित करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से भोपाल स्थित एजेंसी और उसके संचालक के बारे में जानकारी जुटा रही है।








