
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, बसों का संचालन ठेकेदार के भरोसे हो रहा है, जो न तो समय पर मरम्मत कराता है

और न ही डीजल की पर्याप्त व्यवस्था करता है। अक्सर इसी तरह की समस्याएं सामने आती रहती हैं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती है

।विद्यालय प्राचार्य विसेन ने बताया कि बस संचालन की जिम्मेदारी संविदाकार पर है। उनकी लापरवाही के कारण ही इस तरह की घटनाएं होती हैं।

घटना के दौरान बच्चों को कहा गया कि नजदीकी छात्र चाहें तो पैदल घर जा सकते हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए और बस संचालन की कड़ी निगरानी हो, ताकि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा से समझौता न हो।








