
सुबह से ही मंदिर प्रांगण और मेला क्षेत्र में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु माता की जयकारों के साथ दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते दिखे।

इससे पहले पंचमी पर अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड दर्ज हुआ था, जब सीढ़ी मार्ग, रोपवे और वैन से मिलाकर करीब 1.30 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे और खोया-पाया केंद्र की मदद से 160 से अधिक बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उनके परिजनों से सुरक्षित मिलवाया गया।

श्रद्धालुओं ने इस बार की व्यवस्थाओं की सराहना की और कहा कि भीड़ के बावजूद दर्शन प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित रही। नवरात्र महोत्सव में आगे सप्तमी और अष्टमी पर और अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।









