शिवपुरी के करैरा में नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने किसान को थप्पड़ मार दिया। किसान खाद वितरण केंद्र पर टोकन लेने के लिए एक लाइन से निकलकर दूसरी लाइन में लगने की कोशिश कर रहा था।
घटना शुक्रवार की है। नायब तहसीलदार ने जब किसान को थप्पड़ मारा तो वहां मौजूद अन्य किसानों ने वीडियो बना लिया। पुलिस ने मोबाइल से वीडियो डिलीट करवा दिए। लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर इस घटना का विरोध किया।
किसानों का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने पुलिस बल का उपयोग कर वीडियो डिलीट कराया था। नायब तहसीलदार ने ही किसान से मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट किया था।
किसानों का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने पुलिस बल का उपयोग कर वीडियो डिलीट कराया था। नायब तहसीलदार ने ही किसान से मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट किया था।
थाना प्रभारी विनोद छावई का कहना है खाद और टोकन वितरण केंद्र पर पुलिस की तैनाती है। इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीड़ित किसान से फोन पर बात की।

किसान बोला- थप्पड़ मारकर किया अपमान
हाथरस गांव का रहने वाला किसान महेंद्र राजपूत खाद का टोकन लेने स्कूल पहुंचा था। महेंद्र ने बताया कि वह पहले टोकन वाली लाइन में खड़ा था, लेकिन जब देखा कि दूसरी लाइन में भीड़ कम है तो वह वहां लगने गया। तभी नायब तहसीलदार विजय त्यागी ने पकड़कर थप्पड़ मार दिया और डांटकर उसी लाइन में खड़े रहने के लिए कहा। किसान का कहना है कि उसका अपमान हुआ है।

मौके पर पहुंचे कांग्रेसी नेता
सूचना मिलते ही कांग्रेस के पूर्व किसान कांग्रेस अध्यक्ष मान सिंह फौजी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसानों को परेशान करने के लिए खाद वितरण केंद्र से 5 किलोमीटर दूर टोकन का स्थान रखा गया है। यहां न पानी की व्यवस्था है और न छांव है। यह प्रशासन की लापरवाही है।
मान सिंह फौजी ने इस मामले की जानकारी फोन पर पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को दी और नायब तहसीलदार को हटाने की मांग की।
जीतू पटवारी ने दिया आश्वासन
पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खुद किसान महेंद्र राजपूत से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले में शिवपुरी कलेक्टर से शिकायत कर नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। पटवारी ने कहा कि किसानों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अफसर बोले- आरोप निराधार
नायब तहसीलदार विजय त्यागी का कहना है कि किसान बार-बार लाइन तोड़ने की कोशिश कर रहा था, जिससे अन्य किसान नाराज हो रहे थे। उसे सिर्फ पकड़कर लाइन में खड़ा होने के लिए कहा गया था। थप्पड़ मारने या वीडियो डिलीट कराने का आरोप निराधार है।
वहीं, एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने भी घटना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार को केवल व्यवस्था बनाने के लिए टोकन वितरण केंद्र पर तैनात किया गया था। यदि थप्पड़ मारा गया होता तो इसका कोई वीडियो सबूत जरूर होता।






