
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की झूठी एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने पाया कि महिला पहले भी कई झूठी शिकायतें दर्ज कराकर लोगों को ब्लैकमेल करने की आदी थी।मामला रीवा का है, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय ने याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि 15 मई, 2024 को महिला उनके ऑफिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने आई थी। जांच में पता चला कि महिला पहले भी झूठी शिकायतें दर्ज करा चुकी थी। आरोप लगाने के बाद महिला ने 30 नवंबर, 2024 और 27 दिसंबर, 2024 को उनके खिलाफ दो झूठी एफआईआर दर्ज कराई। बाद में 11 जून, 2025 को महिला ने फिर से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें अधिवक्ता पर उसके घर में घुसकर उसकी दो वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया।हाई कोर्ट ने सभी एफआईआर को झूठा करार देते हुए निरस्त कर दिया और रीवा एसपी को निर्देशित किया कि महिला के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 22(1) व भारतीय दंड संहिता की धाराओं 240 व 248 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाए।








