बड़वारा को नगर परिषद बनाने की मांग ने पकड़ी रफ्तार: समाजसेवियों ने शुरू किया व्यापक हस्ताक्षर अभियानकटनी (बड़वारा): जिले के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी केंद्र के रूप में उभर रहे बड़वारा को अब ग्राम पंचायत से अपग्रेड कर ‘नगर परिषद’ (Nagar Parishad) बनाने की मांग तेज हो गई है। विकास की मुख्यधारा से जुड़ने और शहरी सुविधाओं को पाने के लिए स्थानीय समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने कमर कस ली है और एक विशाल हस्ताक्षर अभियान (Signature Campaign) की शुरुआत की है।

जन-आंदोलन में बदल रही है मुहिमसमाजसेवियों द्वारा छेड़ा गया यह अभियान अब धीरे-धीरे एक जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। बड़वारा के मुख्य चौराहों, बाज़ारों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष स्टॉल लगाकर आम जनता का समर्थन जुटाया जा रहा है। अभियान के आयोजकों का कहना है कि यह मुहिम किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे बड़वारा क्षेत्र के भविष्य के लिए है। स्थानीय व्यापारी, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपने हस्ताक्षर कर इस मांग का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं।क्यों जरूरी है नगर परिषद का दर्जा?अभियान चला रहे लोगों और स्थानीय निवासियों का तर्क है कि बड़वारा का विस्तार अब काफी बड़ा हो चुका है। यहाँ की आबादी और बाज़ार का दायरा ग्राम पंचायत की सीमाओं से कहीं आगे निकल गया है।बजट की कमी: ग्राम पंचायत होने के कारण क्षेत्र को विकास के लिए सीमित फंड मिलता है, जिससे बड़ी बुनियादी सुविधाएं (जैसे सीवेज लाइन, पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट्स) विकसित नहीं हो पा रही हैं।शहरीकरण: बड़वारा अब एक कस्बे का रूप ले चुका है, लेकिन सुविधाएं अभी भी ग्रामीण स्तर की हैं। नगर परिषद बनने से इसे शहरी विकास मंत्रालय से सीधा बजट और योजनाएं मिल सकेंगी।साफ-सफाई: बढ़ती आबादी के साथ साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर परिषद के पास अधिक संसाधन और कर्मचारी होंगे।प्रशासन को भेजा जाएगा ज्ञापनसमाजसेवियों ने बताया कि उनका लक्ष्य हजारों लोगों के हस्ताक्षर एकत्रित करना है। हस्ताक्षर अभियान पूरा होने के बाद, जनसमर्थन का यह दस्तावेज एक ज्ञापन के रूप में जिला प्रशासन (कलेक्टर) और राज्य सरकार को भेजा जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन ने उनकी इस जायज मांग पर जल्द ध्यान नहीं दिया और बड़वारा को नगर परिषद का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो आने वाले समय में इस मांग को लेकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन किए जाएंगे। फिलहाल, पूरा बड़वारा एक सुर में अपनी तरक्की के लिए लामबंद होता दिख रहा है।








