कटनी जिले में संचालित स्पा सेंटरों को लेकर उठे गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस की कार्यप्रणाली पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। बीते दिनों एक वीडियो वायरल होने के बाद कटनी पुलिस ने छापेमारी की कार्यवाही तो की, लेकिन सभी स्पा सेंटरों को क्लीन चिट दे दी गई। पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर शहर में इसे महज औपचारिकता और दिखावा बताया जा रहा है।पूरा मामला उस समय सामने आया जब एक स्पा संचालक महिला ने एक पत्रकार पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी थी। इसी शिकायत के आधार पर एक भाजपा नेता द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए। हालांकि बाद में महिला की बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया।
एक महीने बाद भी महिला का पता नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस महिला की शिकायत से पूरा मामला शुरू हुआ, वह अब कहां है? शिकायत किए लगभग एक महीने का समय बीत चुका है, लेकिन न तो महिला सामने आई और न ही पुलिस उसकी स्थिति स्पष्ट कर पाई है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल द्वारा की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
छापेमारी पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के अगले ही दिन पुलिस ने कई स्पा सेंटरों में छापेमारी की, लेकिन हर बार की तरह पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यवाही से पहले ही इसकी सूचना संबंधित ठिकानों तक पहुंचा दी गई थी, जिसके कारण जांच बेअसर साबित हुई।वायरल ऑडियो में महिला स्वयं स्पा सेंटरों की वास्तविक स्थिति को उजागर करती सुनाई दे रही है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा सभी स्पा सेंटरों को पाक-साफ घोषित करना कई सवाल खड़े करता है।
मिलीभगत की चर्चाएं तेज
छापेमारी की आड़ में की गई लीपापोती ने एक बार फिर उन चर्चाओं को हवा दे दी है, जिनमें स्पा सेंटरों और पुलिस के कुछ अधिकारियों के बीच मिलीभगत की बात कही जाती रही है। शहर में यह चर्चा आम है कि संरक्षण के चलते अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना मुश्किल होता जा रहा है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।






