
कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: फर्जी धान पंजीयन मामले में कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 4 पर FIR दर्जकटनी। उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे कटनी जिले में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। कलेक्टर आशिष तिवारी के कड़े निर्देश के बाद प्रशासन ने फर्जी तरीके से धान का पंजीयन कराने वाले गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में कुठला थाना पुलिस ने एक कंप्यूटर ऑपरेटर सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला (FIR) दर्ज किया है।क्या है पूरा मामला?जांच में यह बात सामने आई कि सरकारी पोर्टल पर धान बेचने के लिए फर्जी तरीके से किसानों का पंजीयन किया जा रहा था। इसमें ऐसे लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया जो या तो खेती नहीं करते थे या जिनकी जमीन की जानकारी गलत थी। इस फर्जीवाड़े का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश या अन्य क्षेत्रों से कम दामों में धान लाकर सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) पर खपाना था।इन पर गिरी गाजप्रशासनिक जांच के बाद जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें शामिल हैं:कंप्यूटर ऑपरेटर: जिसे आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां (Entries) करने का दोषी पाया गया।तीन अन्य बिचौलिए: जो किसानों के दस्तावेज जुटाने और फर्जी रकबा दर्शाने के खेल में शामिल थे।कलेक्टर के सख्त तेवरकलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:”किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी केंद्रों की बारीकी से निगरानी की जा रही है और जहाँ भी संदिग्ध पंजीयन मिलेंगे, वहाँ इसी तरह की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”प्रमुख बिंदु:धाराएं: आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।जांच का दायरा: पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस खेल में विभाग के अन्य कितने कर्मचारी या बड़े व्यापारी शामिल हैं।किसानों को अलर्ट: प्रशासन ने वास्तविक किसानों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों का ध्यान रखें और किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं।








