
कटनी नगर परिषद का ऐतिहासिक निर्णय: अब ‘परमवीर चक्र’ विजेताओं के नाम से पहचाने जाएंगे वार्डकटनी (मध्य प्रदेश): देश के शहीदों और वीर जवानों के सम्मान में कटनी जिले की नवनिर्वाचित नगर परिषद ने एक मिसाल पेश की है। लगभग 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद अस्तित्व में आई नगर परिषद की पहली बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया कि नगर के सभी 15 वार्डों के नाम अब स्थानीय या पुराने नामों के बजाय परमवीर चक्र विजेताओं और देश के महान सपूतों के नाम पर रखे जाएंगे।क्यों खास है यह फैसला?अक्सर वार्डों के नाम भौगोलिक स्थिति या स्थानीय नेताओं के नाम पर रखे जाते हैं, लेकिन परिषद ने नई पीढ़ी को देशभक्ति से जोड़ने के लिए यह कदम उठाया है। इसका उद्देश्य यह है कि जब भी कोई नागरिक अपने घर का पता बताए, तो उसे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों की याद आए।इन नायकों के नाम पर रखे जाएंगे वार्ड (प्रमुख नाम):परिषद द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, 15 वार्डों के नाम इन महान योद्धाओं के नाम पर होंगे:मेजर सोमनाथ शर्मा (प्रथम परमवीर चक्र विजेता)कैप्टन विक्रम बत्रा (कारगिल युद्ध के नायक)सूबेदार जोगिंदर सिंहमेजर शैतान सिंहअब्दुल हमीदसूबेदार मेजर संजय कुमारनायब सूबेदार बाना सिंहलेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल(सहित कुल 15 वार्डों का नामकरण इसी तर्ज पर किया जाएगा।)9 साल का इंतजार हुआ खत्मकटनी के इस क्षेत्र में लंबे समय से नगर परिषद का गठन नहीं हो पाया था। चुनाव के बाद जैसे ही नई परिषद बनी, उन्होंने अपने पहले ही बड़े एजेंडे में विकास कार्यों के साथ-साथ ‘राष्ट्रवाद’ और ‘शहीद सम्मान’ को प्राथमिकता दी।”यह फैसला केवल नाम बदलने के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को हमारे असली हीरोज़ के बारे में बताने और उन्हें प्रेरित करने के लिए लिया गया है।” — परिषद प्रतिनिधिप्रमुख बिंदु एक नजर में:नगर परिषद: कटनी (मध्य प्रदेश)।कुल वार्ड: 15।मुख्य बदलाव: वार्डों के नाम अब परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर होंगे।उद्देश्य: शहीदों को सम्मान देना और युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना।








