
निश्चित रूप से, मैं इस जानकारी को एक समाचार रिपोर्ट का रूप दे सकता हूँ।फूड सेफ्टी बनाम हेल्थ ड्रिंक कंपनियां: ORS लेबलिंग पर FSSAI के आदेश पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, क्या है पूरा विवाद?नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के उस आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिसमें हेल्थ ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स पर ‘ORS’ (ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स) लिखने से मना किया गया था। कोर्ट का यह फैसला जॉनसन एंड जॉनसन की सहायक कंपनी JNTL कंज्यूमर हेल्थ इंडिया को बड़ी राहत देता है, जिसने FSSAI के आदेश को चुनौती दी थी।क्या था FSSAI का आदेश?बीते दिनों FSSAI ने सख्त आदेश जारी करते हुए कहा था कि केवल वही कंपनियां अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर ORS लिख सकती हैं, जिनके उत्पाद WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मानकों के अनुरूप ORS सॉल्ट और फॉर्मूला का इस्तेमाल करते हों।FSSAI ने यह आदेश हैदराबाद की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष की अपील के बाद जारी किया था। डॉ. संतोष लंबे समय से इस बात के खिलाफ आवाज उठा रही थीं कि बाजार में कई सामान्य हेल्थ ड्रिंक कंपनियां अपने पैकेट्स पर ORS लिख रही हैं, जबकि उनमें WHO के मानकों वाला ORS सॉल्ट नहीं होता।विवाद की मुख्य वजह: शुगर की अधिक मात्राडॉ. शिवरंजनी संतोष और फूड सेफ्टी अथॉरिटी का तर्क था कि कई हेल्थ ड्रिंक, जिन पर ORS लिखा होता है, उनमें शुगर (चीनी) की मात्रा तय मानक से कहीं अधिक होती है। इनमें कृत्रिम मिठास (आर्टिफिशियल स्वीटनर) भी मिलाए जाते हैं। * खतरा: वास्तविक ORS का काम शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करना है, लेकिन अधिक शुगर वाला मिश्रण बच्चों और डायबिटीज के मरीजों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। यह पेट दर्द, अपच, गैस, दस्त की समस्या बढ़ा सकता है, और बार-बार सेवन से बच्चों में मोटापा भी हो सकता है। * WHO मानक: WHO के अनुसार, सही ORS बनाने के लिए 1 लीटर साफ पानी में 5 से 6 चम्मच चीनी और एक चम्मच नमक होना चाहिए, जिसमें किसी भी तरह के कृत्रिम रंग या स्वीटनर का उपयोग न हो।हाई कोर्ट का फैसलाडॉ. शिवरंजनी की शिकायत के बाद FSSAI ने ऐसे ‘भ्रामक’ प्रोडक्ट्स की बिक्री पर बैन लगा दिया था। लेकिन JNTL कंज्यूमर हेल्थ इंडिया द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने FSSAI के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।एम्स दिल्ली के पीडियाट्रिक विभाग के डॉ. हिमांशु भदानी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि उल्टी और दस्त के मामलों में ORS जीवनरक्षक है, लेकिन शुगर का सही स्तर होना जरूरी है। उन्होंने लोगों को हमेशा भरोसेमंद और सरकारी मानक वाले ORS पैकेट खरीदने की सलाह दी है।








