
निश्चित रूप से, मैं इस घटना को एक समाचार रिपोर्ट का रूप दे सकता हूँ।कटनी पुलिस का मानवीय चेहरा: घायल महिला के लिए ‘फरिश्ता’ बनी खाकी, तत्परता से पहुंचाया अस्पतालकटनी। अक्सर खाकी वर्दी की छवि कठोर मानी जाती है, लेकिन कभी-कभी इसी वर्दी के भीतर छिपी मानवता किसी देवदूत की तरह प्रकट होकर संवेदना और सेवा की मिसाल पेश करती है। कटनी जिले में बहोरीबंद–बाकल रोड पर एक सड़क दुर्घटना में घायल हुई महिला के लिए पुलिसकर्मी ‘फरिश्ता’ बनकर सामने आए और तत्परता दिखाते हुए उसे समय पर अस्पताल पहुँचाया।घटना बहोरीबंद पेट्रोल पंप के पास की है। रैपुरा बघवार निवासी चंद्रभान कोरी अपनी पत्नी मायाबाई कोरी और दो छोटे बच्चों के साथ मोटरसाइकिल से जबलपुर के बिलगवां जा रहे थे। अचानक उनकी बाइक फिसल गई, जिससे पत्नी मायाबाई सड़क पर गिर पड़ीं। उन्हें सिर पर गंभीर चोट लगी और वह अचेत हो गईं। पति चंद्रभान ने घबराकर राहगीरों से मदद मांगी, लेकिन दुखद है कि कोई भी रुककर सहायता के लिए आगे नहीं आया।इसी मुश्किल घड़ी में किस्मत ने करवट ली। ढीमरखेड़ा थाना में पदस्थ एएसआई विजेन्द्र तिवारी अपनी टीम के साथ वज्रवाहन में गश्त से लौट रहे थे और उसी स्थान से गुज़रे। घायल महिला को सड़क पर पड़ा देख पुलिस की टोली बिना देर किए वाहन से उतरी।एएसआई विजेन्द्र तिवारी के साथ उनके साथी अशोक, आसुतोष, दीपक, सचिन, नीरज, अरुण और आशीष ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को सहारा दिया। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए महिला को गोद में उठाकर सावधानीपूर्वक पुलिस वाहन में बैठाया। बिना एक पल गंवाए, पुलिस टीम ने महिला को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद पहुँचाया, जहाँ उनका उपचार शुरू कर दिया गया है।कटनी पुलिस के इस मानवीय और संवेदनशील कदम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था संभालती है, बल्कि संकट के समय में आम जनता के लिए एक सच्चा मददगार भी होती है। पुलिस के इस सेवाभाव की स्थानीय लोगों ने खूब सराहना की है।








