चौंकाने वाली रिपोर्ट: CDSCO की जांच में 112 दवा सैंपल गुणवत्ता में फेल, 52 मानक से नीचेनई दिल्ली: देश में मिलावटी और घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की सितंबर 2025 की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, कुल 112 दवा सैंपल गुणवत्ता जांच में असफल पाए गए हैं। इनमें से 52 दवाएं केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं द्वारा मानक गुणवत्ता से कम (NSQ – Not of Standard Quality) घोषित की गई हैं, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 60 अन्य सैंपल को अस्वीकार्य गुणवत्ता का बताया है।बड़ी फार्मा कंपनियों पर भी गाजस्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह जांच नियमित नियामक निगरानी के तहत की गई है। मानक से कम पाई गई ये दवाएं देशभर के अलग-अलग राज्यों में निर्मित की गई थीं, और हैरानी की बात यह है कि इस सूची में कई बड़ी फार्मा कंपनियां भी शामिल हैं।प्रमुख निष्कर्ष और कार्रवाई: * 112 सैंपल फेल: सितंबर महीने में कुल 112 दवा सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। * 52 NSQ घोषित: केंद्रीय प्रयोगशालाओं ने 52 दवाओं को ‘मानक गुणवत्ता से कम’ पाया, जिसका अर्थ है कि वे अपने एक या अधिक गुणवत्ता मानकों में असफल रहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह असफलता केवल जांच किए गए विशिष्ट बैच की होती है। * नकली दवा का खुलासा: छत्तीसगढ़ राज्य से एक सैंपल नकली दवा के रूप में चिन्हित किया गया है। यह दवा एक ऐसी कंपनी द्वारा बनाई गई थी, जिसने धोखाधड़ी करते हुए किसी दूसरी प्रतिष्ठित कंपनी के ब्रांड नाम का अवैध रूप से उपयोग किया था। यह गंभीर मामला फिलहाल जांच के अधीन है और संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।सुरक्षा के लिए कड़े कदमस्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि असुरक्षित, घटिया या नकली दवाओं को बाजार से तुरंत हटाने के लिए यह प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहती है। केंद्र सरकार ने राज्य औषधि नियंत्रकों के साथ मिलकर कड़े नियामक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाई जाने वाली कंपनियों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी:विशेषज्ञों और अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दवाएं केवल पंजीकृत और प्रमाणित दवा दुकानों से ही खरीदें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध दवा या गलत पैकेजिंग वाली दवा की तुरंत रिपोर्ट स्थानीय औषधि निरीक्षक को देने की अपील की गई है। सरकार का यह कदम देश में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कटनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 56 हजार क्विंटल धान जब्त, अवैध निकासी पर लगा प्रतिबंध
कटनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 56 हजार क्विंटल धान जब्त, अवैध निकासी पर लगा प्रतिबंधस्थान: कटनी, मध्य प्रदेशविषय: अवैध धान भंडारण और परिवहन पर छापेमारीकटनी जिले में धान के…








