
MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: परिवार में एक व्यक्ति सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगा अनुकंपा का लाभग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्र यादव की युगल पीठ ने एक अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यदि मृत सरकारी कर्मचारी के परिवार में कोई सदस्य पहले से सरकारी सेवा (Government Service) में है, तो परिवार के अन्य सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा।न्यायालय का यह निर्णय अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में एक मानक स्थापित करेगा। यह नियम परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाई गई अनुकंपा नियुक्ति की नीति को परिभाषित करता है। कोर्ट ने यह तय किया है कि यदि परिवार में पहले से कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, तो परिवार की मूलभूत आर्थिक जरूरतें पूरी मानी जाएंगी, जिसके चलते अन्य सदस्य की अनुकंपा नियुक्ति की मांग मान्य नहीं होगी। इस फैसले से अब प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को और अधिक स्पष्टता मिलेगी।








