
अंधविश्वास की भयानक हद: प्रेतबाधा के नाम पर महिला को पीटा, हाथ जलाए और गर्म सिक्के से दागाउज्जैन। अंधविश्वास के चलते एक 22 वर्षीय विवाहिता को अमानवीय यातनाएं देने के आरोप में पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। आरोपियों ने महिला को प्रेतबाधा से मुक्त करने का दावा करते हुए लोहे की सलाखों से पीटा, जलते दीपकों से उसके दोनों हाथ जला दिए और गर्म सिक्का सिर पर दाग दिया, जिससे महिला बेहोश हो गई।क्या है पूरा मामला?टीआइ लीला सोलंकी ने बताया कि उर्मिला (22 वर्ष, निवासी गौतमपुरा) पति से विवाद के चलते अपनी मां हंसाबाई (निवासी जूना सोमवरिया) के साथ रह रही थी और पिछले कुछ दिनों से बीमार थी। उर्मिला की मां ने अपनी काकी सास को उसकी बीमारी के बारे में बताया। काकी सास के कहने पर उर्मिला के पिता करणसिंह (निवासी श्रीवच गांव, खाचरौद) ने उर्मिला को नवरात्रि के दौरान 29 सितंबर को अपने गांव बुलाया।वहाँ उर्मिला को सुगाबाई के घर ले जाया गया। सुगाबाई ने ‘प्रेतबाधा’ होने की बात कहकर पहले उर्मिला की माँ हंसाबाई को कमरे से बाहर कर दिया और दरवाज़ा बंद कर दिया। इसके बाद, सुगाबाई और अन्य आरोपियों ने उर्मिला को लोहे की सलाखों से बुरी तरह पीटा।गर्म सिक्का सिर पर दागामारपीट के बाद, आरोपियों ने उर्मिला के दोनों हाथों को जलते हुए दीपकों से जला दिया और एक सिक्का गर्म करके उसके सिर पर दाग दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। देर रात उर्मिला की माँ हंसाबाई रिश्तेदार की मदद से उसे उठाकर घर ले गईं।आठ आरोपी हिरासत मेंमहिला पुलिस ने इस मामले में सुगाबाई और उसके पुत्र कान्हा के अलावा गांव के निवासी कान्हा उर्फ कन्हैयालाल दायमा (25 वर्ष), मनोहर उर्फ मनोरिया, राजू चौधरी और रितेश पुत्र चंदर चौधरी सहित आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ धाराएं बढ़ाकर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। गंभीर रूप से घायल उर्मिला को उपचार के लिए चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।








