
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: केमिस्टों की हड़ताल से हाहाकार, जनऔषधि केंद्र भी बंदछिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप कांड के बाद, खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई से नाराज केमिस्टों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे जिले में दवाओं के लिए हाहाकार मच गया है।1100 से अधिक दुकानें बंद, जनता बेहालजिले भर में छिंदवाड़ा जिला औषधि विक्रेता संघ की हड़ताल के चलते, 1100 से अधिक होलसेल और रिटेल दवा दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। दवा दुकानों पर ताले लटके होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को दवाइयाँ नहीं मिल पा रही हैं। गरीब और दूरदराज से आए मरीज दवा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जिससे आम जनता की परेशानी चरम पर पहुँच गई है।संकट में ‘जनऔषधि’ भी बना मुसीबतइस गंभीर संकट के समय, लोगों की एकमात्र उम्मीद भारत सरकार का जनऔषधि केंद्र था, जिसे जनता को सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराने के लिए सुचारू रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की थी।जिला अस्पताल का केंद्र भी रहा बंद, प्रशासन पर उठे सवालदुर्भाग्य से, प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई है। जिला अस्पताल का भारत जन औषधि केंद्र भी सुबह 10:30 बजे तक बंद रहा। केमिस्टों की हड़ताल के बीच इस आवश्यक केंद्र का समय पर न खुलना जिला प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।इस मामले में जब सिविल सर्जन डॉक्टर दुबे से बात की गई, तो उन्होंने केवल इतना ही कहा कि जन औषधि केंद्र तय समय पर खुलना चाहिए। प्रशासन की यह ढिलाई ऐसे समय में आई है जब आम जनता को दवा की सबसे अधिक आवश्यकता है।मुख्य समस्याएँ * 1100 से अधिक निजी दवा दुकानें बंद होने से दवा संकट। * जरूरतमंद मरीज दवा के लिए भटक रहे हैं। * संकट की घड़ी में भी जिला अस्पताल का जनऔषधि केंद्र समय पर नहीं खुला, जिसने प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिया है।फिलहाल, केमिस्टों की यह अनिश्चितकालीन हड़ताल कब खत्म होगी, इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है, और आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।








