
सीहोर: मानवता शर्मसार! बकाया न चुकाने पर अस्पताल ने आदिवासी परिवार को नहीं दिया शव, पुलिस के सामने भी ‘दादागिरी’मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। भैरूंदा स्थित निजी नर्मदा अस्पताल पर एक आदिवासी परिवार ने शव के नाम पर अवैध वसूली और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।इलाज के बाद शव देने से किया इंकार, की अतिरिक्त पैसों की मांगमृतक महिला के आदिवासी परिवार का आरोप है कि सड़क हादसे में घायल महिला को नर्मदा अस्पताल लाया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने इलाज के नाम पर पहले ही पैसे वसूल लिए, लेकिन बकाया अतिरिक्त राशि न चुकाने पर शव देने से साफ इंकार कर दिया।पुलिस के सामने गुंडों ने दिखाई ‘दादागिरी’, वीडियो वायरलपरिजनों के थक हारकर पुलिस प्रशासन के पास पहुँचने के बाद, पुलिस के जवान शव दिलाने के लिए अस्पताल पहुँचे। इसी दौरान, अस्पताल के कर्मचारियों और कथित गुंडों ने पुलिस की मौजूदगी में भी दादागिरी दिखाना शुरू कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।भाजपा नेता से जुड़े होने का आरोप, प्रशासन पर कार्रवाई का दबावस्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि यह निजी नर्मदा अस्पताल एक भाजपा नेता से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण अस्पताल प्रबंधन मरीजों के इलाज के दौरान मनमानी करता है। संगठनों ने प्रशासन से इस अस्पताल पर सख्त कार्रवाई करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग की है।पुलिस का बयान: मामला सुलझा लिया गयाभैरूंदा एसडीओपी रोशन जैन ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि सिंहपुर के पास हुए सड़क हादसे में घायल महिला की नर्मदा अस्पताल में मौत हुई थी। हेड कांस्टेबल राम मनोहर यादव मौके पर पहुँचे थे और परिजनों को शव दिलाने के साथ ही पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिया गया है। एसडीओपी के अनुसार, “उपचार का मृतक के परिवारजनों और नर्मदा अस्पताल प्रबंधन का बकाया पैसे का मामला था। बाद में उसका निराकरण हो गया था।”हालांकि, बीएमओ मनीष सारस्वत का कहना है कि उन्हें इस मामले में अभी तक किसी ने कोई शिकायत नहीं की है।








