
ज़रूर, यहाँ दी गई जानकारी पर आधारित एक समाचार रिपोर्ट है:देवास: बागली उपजेल में विचाराधीन बंदी की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोपदेवास। देवास जिले के बागली की उपजेल में वन अपराध के मामले में बंद एक विचाराधीन बंदी की रविवार रात को मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल प्रबंधन और अस्पताल में उपचार में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।जानकारी के अनुसार, हाटपीपल्या निवासी रामप्रसाद उर्फ रामा (32), जो पुंजापुरा क्षेत्र के वन अपराध मामले में बागली उपजेल में बंद था, रविवार को दिन में दो बार बीमार हुआ।रात में हुई मौत, पीएम रिपोर्ट में कॉर्डियक अरेस्ट * रविवार दोपहर में रामप्रसाद को पेट में जलन और गैस की शिकायत के बाद बागली के सरकारी अस्पताल लाया गया था। उपचार और बॉटल लगने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। * इसके बाद, रात करीब 8:30 बजे रामप्रसाद की तबीयत फिर से बिगड़ गई, जिसके बाद जेल प्रबंधन उसे लेकर दोबारा अस्पताल पहुंचा। * जांच करने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम (पीएम) डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। बागली के बीएमओ डॉ. हेमंत पटेल ने बताया कि शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह कॉर्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि आगे के परीक्षण के लिए हृदय को प्रिजर्व करके भेजा गया है।बागली थाना प्रभारी (टीआई) प्रदीप राय ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पुलिस जांच कर रही है। वहीं, मृतक के स्वजनों ने अस्पताल से जल्दबाजी में छुट्टी देने और उपचार में लापरवाही के कारण मौत होने का आरोप लगाया है।








