
निश्चित रूप से, यहाँ दी गई जानकारी के आधार पर एक समाचार रिपोर्ट है:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले: ‘मध्यप्रदेश अब उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन’गुवाहाटी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को गुवाहाटी में असम के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी केंद्रीय स्थिति, प्रचुर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के कारण अब मध्यप्रदेश देश का ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ बन चुका है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने असम और मध्यप्रदेश के बीच 5 हजार साल पुराने ऐतिहासिक संबंधों (श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग) का जिक्र किया और निवेशकों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया।निवेशकों को मिला विशेष प्रोत्साहनमुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार उन्हें हर कदम पर पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विशेष रूप से घोषणा की: * रोजगार-आधारित उद्योगों के लिए सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी के साथ-साथ 5000 रुपये प्रति श्रमिक की वेतन सब्सिडी भी प्रदान करेगी। * उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमिपूजन किए गए देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क में इकाई स्थापित करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया। * मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व के कारण मध्यप्रदेश ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़कर स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप निवेशक मात्र 30 दिन में यहां उद्योग शुरू कर सकते हैं।वन्यजीवों और ऊर्जा पर सहयोग का प्रस्तावमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों राज्यों के बीच वन्यजीवों के आदान-प्रदान का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और असम मिलकर अपने वनों को समृद्ध कर सकते हैं। * मध्यप्रदेश गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है, जबकि असम गैंडा देकर मध्यप्रदेश के वनों को समृद्ध कर सकता है।उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है और दिल्ली की मेट्रो ट्रेन भी मध्यप्रदेश की बिजली से चलती है। राज्य ग्रीन एनर्जी और सोलर एनर्जी उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उद्योगपतियों ने दिखाई निवेश में रुचिगुवाहाटी में आयोजित इस सत्र में असम के कई प्रमुख उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि दिखाते हुए प्रस्ताव दिए। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है, खनिज में नंबर वन है, और यहाँ औद्योगिक विकास के लिए एक लाख एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है।मुख्यमंत्री के साथ वन-टू-वन चर्चा के बाद कई उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में निवेश करने पर सहमति दी: * जीईआरडी फार्मास्युटिकल्स के डॉ. घनश्याम धानुका ने अत्याधुनिक फार्मास्युटिकल निर्माण इकाई। * लोहिया समूह के कैलाश चंद्र लोहिया ने प्लास्टिक्स और पैकेजिंग निर्माण इकाइयाँ। * असम बंगाल नेविगेशन के आशीष फूकन ने नर्मदा, चंबल जैसी नदियों पर ईको लॉज और बुटिक रिवर क्रूज परियोजनाएँ। * स्टार सीमेंट के प्रदीप पुरोहित ने सीमेंट प्लांट, ग्राइंडिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।फिक्की असम राज्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम दास धानुका ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पारदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा।








