बैतूल के मुलताई में प्रतिमा विसर्जन के दौरान तीन बच्चियां तालाब में डूब गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने दो बच्चियों को बचा लिया। एक लापता है।
हादसा सोनौली गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। ग्रामीण देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए तालाब पर पहुंचे थे। इसी दौरान लक्ष्मी (12), मुस्कान (18) और मोनिका मराठी (11) तालाब में नहाने उतर गईं। बच्चियां गहराई में चली गईं और डूबने लगीं।
चीखने की आवाज सुनकर मौके पर मौजूद लोग तुरंत पानी में कूदे। मुस्कान और मोनिका को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन लक्ष्मी गहराई में समा गई।
तालाब पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं
हादसे की सूचना मिलने पर तहसीलदार संजय बारिया और थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। तुरंत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाया।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब काफी गहरा है और इसके किनारों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। विसर्जन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
10वीं क्लास में पढ़ती है
लक्ष्मी 10वीं क्लास में पढ़ती है। पिता राजेंद्र उमरता मुलताई के होटल में काम करते हैं। उन्होंने कहा- बेटी सहेलियों के साथ विसर्जन के लिए गई थी। मैं उस वक्त घर पर था। मुझे बताया गया कि वह तालाब में नहाने उतरी थी। उसके साथ दो और लड़कियां भी तालाब में गई थीं। उन्हें बचा लिया गया, लक्ष्मी बेटी लापता है।






