मुरैना के दिव्या हत्याकांड में पुलिस ने पिता बंटू उर्फ भरत सिकरवार पर हत्या का मामला दर्ज किया है। शव को नदी में फेंकने से लेकर घटनास्थल को साफ करने तक सहयोग देने वाले 11 नामजद और 12 अज्ञात समेत कुल 23 लोगों पर साक्ष्य छुपाने का केस दर्ज किया गया है। इनमें दिव्या की मां और भाई भी शामिल हैं।
दिव्या की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को बुधवार को मिली। इस रिपोर्ट के आधार पर दिव्या की मौत फायर आर्म्स इंजरी से होना बताया गया। दिव्या की हत्या के पांच दिन बाद शव पुलिस को 28 सितंबर को मिला था, जिसका पीएम ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पैनल ने किया। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी की तलाश जारी है।
पुलिस कैसे दिव्या के शव तक पहुंची, तस्वीरों में देखिए



गोली की आवाज दबाने आरती के दौरान मारा
12वीं की छात्रा दिव्या सिकरवार की उसी के पिता ने 23 सितंबर शाम 7:30 बजे हत्या कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, दिव्या दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी। उससे शादी पर अड़ी थी। समझाने पर भी नहीं मान रही थी।
पिता भरत सिकरवार दिव्या के इस प्रेम प्रसंग से नाराज था। 22 सितंबर को भी उसने दिव्या को किसी लड़के के साथ स्कूटी पर घूमते देख लिया था। इसके अगले दिन जब कॉलोनी में नवरात्रि माता पंडाल में आरती हो रही थी, तभी पिता ने दिव्या को गोली मार दी थी ताकि फायरिंग की आवाज आरती में दब जाए।
फौजी भाई रवि की पिस्टल से मारा
भरत सिकरवार ने अपने छोटे भाई रवि सिकरवार की पिस्टल से बेटी को गोली मारी थी। रवि फौजी है जो घटना के समय अपनी ड्यूटी पर था। उसकी पिस्टल मुरैना में घर पर रखी थी। हत्या के बाद आरोपी पिता बेटी के शव को अपने रिश्तेदारों की मदद से गांव भगवान सिंह का पुरा ले गया। यहां शव को पत्थर बांधकर क्वारी नदी में फेंक दिया।

पड़ोसी ने पुलिस को फोन कर शक जताया था
पुलिस के मुताबिक, भरत सिकरवार के एक पड़ोसी ने शनिवार को सिविल थाने में फोन किया। बताया कि भरत की बेटी दिव्या दो दिन से गायब है। यह भी कहा कि गुरुवार को उसने भरत के घर से गोली चलने और किसी के चीखने की आवाज सुनी है। इस पर पुलिस भरत के घर पहुंची। उससे पूछताछ की।
पांच दिन बाद मिला शव
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता लगा कि भरत के घर में पांच सदस्य हैं। पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा। बड़ी बेटी दिव्या घर से गायब थी। उसके बारे में पूछने पर भरत ने गोलमोल जवाब दिया। पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस शनिवार को ही भरत को थाने ले आई। उससे पूछताछ शुरू की। 28 को रेस्क्यू कर पुलिस ने पिता की निशानदेही पर दिव्या का शव नदी से बरामद किया।
इन्हें बनाया आरोपी
एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिव्या की हत्या के लिए पिता बंटू उर्फ भरत सिकरवार और शव को ठिकाने लगाने, साथ देने, साक्ष्य छुपाने के लिए आरोपी चीमा मामा, दीपक, मां गुड़िया, संता, मंगल, घंसू, सुनील, सोनू, गुड्डा बघेल सहित 11 नामजद और 12 अन्य ऐसे कुल 23 लोगों पर मामला दर्ज किया है।
घटना की पूरी टाइमलाइन
23 सितंबर
शाम 7:30 बजे : भरत सिकरवार ने बेटी दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी।
रात 10:30 बजे : पत्नी गुड़िया, साले चिमा और सहयोगी संता के साथ मिलकर भरत शव को गांव गलेथा के भगवान सिंह का पुरा पहुंचा।
रात 11 बजे : गांव के मंगल, घंसू, सुनील, सोनू, गुड्डा सहित लगभग 10-12 लोगों के सहयोग से दिव्या के शव को पत्थर बांधकर क्वारी नदी में फेंक दिया गया।
रात 12 बजे : परिवार घर लौटा। दीपक ने बहनोई के साथ मिलकर कमरा साफ किया और सबूत मिटाए।
27 सितंबर
शाम 5 बजे : पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी। बताया कि दिव्या दो दिन से गायब है |
28 सितंबर
सुबह 11 बजे : दिव्या का शव पिता की निशानदेही पर क्वारी नदी से बरामद किया गया।






