
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने सौरभ शर्मा की दो जमानत अर्जियां निरस्त कर दीं।कोर्ट ने अपना सुरक्षित फैसला सुनाते हुए कहा कि आवेदक पर गंभीर आरोप हैं

, इसलिए जमानत देना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने 22 जुलाई को आवेदन पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।गंभीर आरोपों और बेनामी संपत्ति का मामलासुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से तर्क दिया गया कि जब्त की गई पूरी रकम उसकी नहीं है, और जिन संपत्तियों पर उसका नाम नहीं है, उनसे उसका कोई लेना-देना नहीं है।

वहीं, ईडी ने कोर्ट को बताया कि सौरभ शर्मा ने ही संपत्तियां अर्जित करने के बाद उन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम किया है।मामला: प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत ईडी द्वारा दर्ज।

पृष्ठभूमि: 17 दिसंबर 2024 को सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों रुपये नकद और दो क्विंटल चांदी की सिल्लियां मिली थीं।गिरफ्तारी: सौरभ शर्मा गत 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में हैं।पूर्व में खारिज: भोपाल की जिला सत्र न्यायालय ने 24 अप्रैल 2025 को भी सौरभ शर्मा का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की थी।ईडी ने सौरभ सहित उनके परिवार के सदस्यों और अन्य समेत 12 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।








