ग्वालियर पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ता मोनू बाथम की हत्या का साजिश का खुलासा कर दिया है। वारदात में शामिल रोशन बाथम, भूरा बाथम, राहुल बाथम और पंकज बाथम को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।
आरोपी पिछले 42 दिन से मोनू बाथम की हत्या के लिए प्लानिंग कर रहे थे। 24 सितंबर को जैसे ही वह अपने परिवार के साथ जागरण में पहुंचा, पहले से मौजूद बदमाशों ने उसकी सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात माता की झांकी के पंडाल में हुई, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे की वजह शराब और देशी कट्टों का अवैध कारोबार है, जो आरोपी रोशन अपने साथियों भूरा, राहुल और पंकज के साथ कर रहा था। मोनू इसका लगातार विरोध करता आ रहा था।

आईजी-एसएसपी तक पहुंचाई थी अवैध कारोबार की शिकायत
मोनू बाथम बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता था। वह आरोपियों की कई बार पुलिस में शिकायत कर चुका था। मोनू ने सिर्फ थाने में ही नहीं, बल्कि ग्वालियर आईजी और एसएसपी तक इनकी शिकायत पहुंचाई थी। इसके चलते पिछले डेढ़ महीने से आरोपियों का गैरकानूनी धंधा बंद हो गया था। पुलिस की बार-बार छापेमारी से रोशन और उसके साथी परेशान हो गए थे।
मोनू ने अपनी आखिरी शिकायत 15 अगस्त को आईजी ग्वालियर को दी थी, जिसमें उसने लिखा था कि आरोपी अब घर की महिलाओं से भी कट्टे चलवा रहे हैं। इन शिकायतों के चलते ही वह इन अपराधियों के लिए गले की फांस बन गया था।

आरोपी बोले- शिकायतों की वजह से धंधा चौपट हो गया था
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस के सामने कबूला, ‘रोज-रोज की शिकायतों से परेशान हो गए थे। धंधा पूरी तरह चौपट हो गया था। ठान लिया था कि मोनू को अब नहीं छोड़ेंगे।
रोशन बाथम ने पुलिस को बताया कि मोनू लधेड़ी में माता की झांकी की स्थापना करता था। उन्हें पता था कि वह जागरण में जरूर आएगा।

24 घंटे में आरोपियों को कर लिया गिरफ्तार
24-25 सितंबर की दरमियानी रात जागरण जब चरम पर था, तभी रोशन ने पीछे से आकर मोनू के सिर में पिस्टल से गोली मार दी। मोनू की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद रोशन समेत चारों आरोपी वहां से फरार हो गए
आरोपियों की पहचान का सबसे अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज रहा। वे भागते समय घटना स्थल के पास ही लगे CCTV कैमरे में दिखे थे। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने 10-10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया और आरोपियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया।

चाचा बोले- पुलिस सुन लेती तो भतीजा आज मेरे साथ होता
मोनू के चाचा सोनू बाथम ने पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि पिछले साल आरोपियों ने आने-जाने के इकलौते रास्ते में मुझे गाड़ी अड़ाकर रोक लिया था। साथ में पत्नी भी थी।
जब मैंने गाड़ी हटाने को कहा, तो आरोपियों ने पहले पत्नी से गालीगलौज की और फिर मेरे साथ मारपीट कर दी। इसकी हमने एफआईआर कराई थी। 20 नवंबर 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत भी की थी। लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर पुलिस उचित कार्रवाई करती तो मेरा भतीजा जिंदा होता।
पार्षद का चुनाव लड़ना चाहता था मोनू बाथम
पुलिस को पता लगा है कि मोनू बाथम इलाके से पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। यही कारण था कि वह अपने क्षेत्र में गलत काम का विरोध करता था। वह बदमाशों की आंखों में खटक रहा था।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि चारों आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। हत्या में उपयोग की गई पिस्टल बरामद कर ली गई है। बार-बार शिकायत ही हत्या की वजह बनी है।






