
**अब तारीख पर तारीख नहीं… एमपी हाई कोर्ट में शनिवार को ताबड़तोड़ न्याय**जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे की रफ्तार तेज हो गई है। शनिवार को लगे विशेष न्यायिक शिविर में एक ही दिन में 337 मामलों का पटाक्षेप किया गया।

इसमें 296 जमानत अर्जियां और 41 सर्विस मैटर्स शामिल रहे।मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के निर्देश पर गठित आठ विशेष पीठों और दो नियमित पीठों ने यह सुनवाई की। शनिवार को 866 जमानत मामलों पर सुनवाई हुई, जिनमें से 296 का निपटारा कर दिया गया।

वहीं, दो बेंचों ने सर्विस संबंधी 201 प्रकरण सुने और उनमें से 41 मामलों को निपटाया।**जजों के कामकाज का ब्यौरा (जमानत अर्जियां):*** न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा – 115 आवेदन, 55 निराकृत* न्यायमूर्ति एमएस भट्टी – 149 आवेदन, 51 निराकृत* न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल – 138 आवेदन, 33 निराकृत* न्यायमूर्ति दीपक खोत – 126 आवेदन, 33 निराकृत* न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी – 103 आवेदन, 33 निराकृत* न्यायमूर्ति रामकुमार चौबे – 84 आवेदन, 32 निराकृत* न्यायमूर्ति रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन – 48 आवेदन, 14 निराकृत* न्यायमूर्ति बीपी शर्मा – 102 आवेदन, 45 निराकृत**सर्विस मैटर्स की बेंच:*** जस्टिस डीडी बंसल – 92 मामले, 04 निराकृत* जस्टिस विवेक जैन – 109 मामले, 37 निराकृतहाई कोर्ट बार एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन ने बताया कि बढ़ती जमानत अर्जियों और सर्विस मैटर्स को लेकर वकीलों में असंतोष था। इसी के बाद मुख्य न्यायाधीश ने विशेष बेंचों की व्यवस्था शुरू की।**लंबित मामलों की स्थिति:**फिलहाल एमपी हाई कोर्ट में 4,82,627 मामले लंबित हैं, जिनमें 2,86,172 सिविल और 1,96,455 क्रिमिनल हैं। इनमें 25 साल से ज्यादा पुराने 2,507 केस भी शामिल हैं।न्यायपालिका का लक्ष्य है कि विशेष बेंचों के जरिए एक वर्ष में 30 से 50 हजार मामलों का निपटारा किया जाए। इस पहल से हजारों पक्षकारों को समय पर राहत मिलने की उम्मीद है।








