
ग्वालियर: शहर के जीवायएमसी क्लब में शनिवार रात को गरबा कार्यक्रम के दौरान तब हंगामा मच गया जब हिंदू संगठन के सदस्यों ने फर्जी पहचान के साथ कार्यक्रम में घुसे तीन मुस्लिम युवकों को पकड़ा। इन युवकों के पास से मिले पहचान पत्र भी फर्जी पाए गए।घटना और आरोपराष्ट्रीय सनातन सेना के सदस्यों ने इन तीनों युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। संगठन की ओर से इंदरगंज थाना प्रभारी को एक शिकायती आवेदन भी दिया गया है। शिकायत के अनुसार, पकड़े गए युवकों की पहचान समद पुत्र सलीम खान, अशरफ पुत्र यूनुस खान, और मुबारक पुत्र खूबी खान के रूप में हुई है। ये तीनों युवक कथित तौर पर हिंदू नाम बताकर गरबा आयोजन में शामिल हुए थे।संगठन के सदस्यों का आरोप है कि इन लोगों का नाम बदलकर गरबा आयोजन में शामिल होने का उद्देश्य गलत था। जब उन्हें पकड़ा गया और सख्ती से पूछताछ की गई, तब उन्होंने अपना असली नाम बताया। हालांकि, असली नाम बताने के बाद उन्होंने खुद को मजदूर बताया, जबकि संगठन के सदस्यों का कहना है कि वे बाकायदा प्रतिभागी बनकर शामिल हुए थे।प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखीपूरे प्रदेश में इस तरह के आयोजनों को लेकर माहौल गरमाया हुआ है, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों के यह निर्देश हैं कि गरबा आयोजनों में आधार कार्ड या अन्य परिचय पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाए। इसके बावजूद ग्वालियर में ये तीनों युवक फर्जी पहचान के साथ आयोजन में प्रवेश करने में सफल रहे।एफआईआर की मांगइस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तीनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।इंदरगंज थाना पुलिस ने संगठन की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।यह खबर ग्वालियर में गरबा कार्यक्रम की सुरक्षा और फर्जी पहचान के उपयोग से संबंधित है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है।








