
28 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य में सक्रिय एक बड़े अर्बन नक्सल नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। रायपुर के चंगोराभाठा इलाके से नक्सली दंपत्ति जग्गू उर्फ रमेश कुरसम और कमला कुरसम की गिरफ्तारी के बाद अब कोरबा से भी रामा इचा नामक नक्सली को पकड़ा गया है।
विशेष जांच एजेंसी (SIA) ने छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। वह कोयला खदान में मजदूर संगठनों से जुड़ा था और रायपुर से गिरफ्तार दंपत्ति के संपर्क में था।
पुलिस ने उसे बिलासपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है और आगे की जांच जारी है।अब तक की कार्रवाई से सामने आया है कि यह नेटवर्क कम से कम पांच जिलों में फैला हुआ है।

इससे पहले राजनांदगांव और गरियाबंद जिलों से भी नक्सली गिरफ्तार हो चुके हैं। हाल ही में नक्सलियों द्वारा जारी एक पत्र में भी शहरी इलाकों से साथियों के पकड़े जाने का जिक्र था, जो इस नेटवर्क की सक्रियता को साबित करता है।अर्बन नक्सल वे लोग होते हैं जो शहरों में रहकर नक्सली संगठन के लिए काम करते हैं।


इनका काम फंड जुटाना, लॉजिस्टिक और हथियार सपोर्ट देना और कानूनी मदद पहुंचाना होता है। 2004 में सीपीआई के जरिए नक्सली आंदोलन को शहरों की ओर मोड़ने की रणनीति बनाई गई थी जिसे “अर्बन पर्सपेक्टिव” कहा गया। इसके तहत छात्र, मजदूर, महिलाएं, मिडिल क्लास कर्मचारी और अल्पसंख्यक समाजों को संगठन से जोड़ने की कोशिश की गई।

छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भी नक्सल समर्थकों की सक्रियता समय-समय पर सामने आती रही है।









