कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में की गई वस्तु एवं सेवा कर (GST) दरों में कटौती को ‘छलावा’ बताया है। पार्टी का आरोप है कि पिछले आठ वर्षों से आम जनता को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ के नाम पर लूटा गया और अब यह कटौती आगामी चुनावों को देखते हुए सिर्फ दिखावे की राजनीति है।
कटनी शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाजारों में दुकान-दुकान जाकर पर्चे बांटे। उन्होंने केंद्र सरकार की इस ‘छूट’ की असलियत उजागर की और कहा कि इस कटौती के पीछे आमजन को वास्तविक राहत देने की मंशा नहीं, बल्कि विशुद्ध चुनावी राजनीति है।कांग्रेस नेता राहुल गांधी पिछले आठ सालों से जीएसटी को ‘लूट वाला गब्बर सिंह टैक्स’ कहते रहे हैं। उन्होंने लगातार यह दावा किया कि जीएसटी के बहु-स्तरीय स्लैब के कारण आम आदमी पर कर का बोझ बढ़ा है, जिससे छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को भारी नुकसान हुआ है। कांग्रेस के अनुसार, सरकार ने करों के माध्यम से जनता से लाखों करोड़ रुपये वसूले हैं।
पार्टी का दावा है कि केंद्र सरकार को जीएसटी दरों में कटौती के लिए मजबूर होना पड़ा है, जो राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा लगातार बनाए गए दबाव का परिणाम है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार ने शुरुआत में ही उनके सुझावों पर ध्यान दिया होता और एक सरल, सिंगल स्लैब वाला जीएसटी लागू किया होता, तो देश को इतने वर्षों तक ‘गब्बर सिंह टैक्स’ की मार नहीं झेलनी पड़ती।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार, केंद्र सरकार ने जीएसटी में कटौती तो की है, लेकिन यह कटौती भी पूरी तरह से छलावा है। उन्होंने कहा कि जो वस्तुएं और सेवाएं आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़ी थीं, उन पर सरकार ने पहले से ही इतना अधिक कर लगा रखा था कि थोड़ी सी कटौती से भी जनता को कोई बड़ी राहत नहीं मिल पाएगी।






