कटनी जिले में स्लीमनाबाद के मुस्लिम समुदाय ने कब्रिस्तान के लिए अतिरिक्त जमीन की मांग की है। मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में समुदाय के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और उन्होंने खसरा नंबर 54 को कब्रिस्तान के रूप में आरक्षित करने के लिए आवेदन दिया।
क्यों है नई ज़मीन की ज़रूरत?
समुदाय के लोगों ने बताया कि स्लीमनाबाद ग्राम पंचायत में खसरा नंबर 53 पहले से ही कब्रिस्तान के रूप में है, लेकिन बढ़ती आबादी के कारण यह पूरी तरह भर चुका है। इससे अंतिम संस्कार के लिए जगह की भारी कमी हो गई है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने खसरा नंबर 54 को भी कब्रिस्तान के लिए अलॉट करने की अपील की ।

हाफिज अब्दुल सलाम ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही आश्वासन दिया था कि खसरा नंबर 54 को कब्रिस्तान के नाम पर दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा स्लीमनाबाद ग्राम पंचायत ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए एक प्रमाण-पत्र जारी किया है।
समुदाय की मांग है कि धार्मिक और सामाजिक ज़रूरतों को देखते हुए प्रशासन जल्द से जल्द इस जमीन को कब्रिस्तान के रूप में दर्ज करें। हालांकि, इस मामले पर अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।






