कटनी रेलवे स्टेशन पर इंसानियत शर्मसार: 2 दिन तक प्लेटफॉर्म पर पड़ी रही लाश, बदबू आने पर जागी पुलिस और रेलवे प्रशासनकटनी (मध्य प्रदेश):कटनी रेलवे स्टेशन, जो देश के प्रमुख और व्यस्ततम जंक्शनों में से एक है, वहां से एक दिल दहला देने वाली और प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी घटना सामने आई है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर एक अज्ञात व्यक्ति की लाश पिछले 48 घंटों (2 दिनों) से पड़ी रही, लेकिन रेलवे पुलिस (GRP), आरपीएफ (RPF) या स्टेशन के सफाई कर्मियों में से किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली।जब शव से तेज दुर्गंध (बदबू) आने लगी और यात्रियों का वहां खड़ा होना मुश्किल हो गया, तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी।क्या है पूरा मामला?घटना कटनी जंक्शन की है, जहां हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति का शव प्लेटफॉर्म के एक कोने में पड़ा था। बताया जा रहा है कि यह शव वहां पिछले दो दिनों से मौजूद था।यात्रियों की शिकायत: स्टेशन से गुजरने वाले यात्रियों को जब अजीब सी बदबू महसूस हुई, तो उन्होंने इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर और मौजूद पुलिसकर्मियों से की।प्रशासन की कार्रवाई: यात्रियों की लगातार शिकायतों और शव से उठती दुर्गंध के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद जीआरपी (GRP) ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसे वहां से हटवाया।सुरक्षा और निगरानी पर बड़े सवालयह घटना रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है:गश्त में लापरवाही: रेलवे स्टेशन पर 24 घंटे जीआरपी और आरपीएफ के जवान गश्त करते हैं। क्या पिछले 2 दिनों में किसी भी जवान की नजर उस शव पर नहीं पड़ी?सफाई व्यवस्था फेल: स्टेशन पर सफाई कर्मचारी दिन में कई बार सफाई करते हैं। क्या सफाई के दौरान उन्हें प्लेटफॉर्म पर पड़ा शव दिखाई नहीं दिया?सीसीटीवी निगरानी: स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। क्या कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारियों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया?शव की शिनाख्त की कोशिश जारीशव को हटाने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि व्यक्ति की मौत किन कारणों से हुई—क्या यह स्वाभाविक मौत थी, बीमारी, या फिर कोई दुर्घटना। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि शव को इतने लंबे समय तक अनदेखा क्यों किया गया।यात्रियों में रोषइस घटना के बाद यात्रियों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर एक शव दो दिन तक प्लेटफॉर्म पर पड़ा रह सकता है और किसी को पता नहीं चलता, तो यह स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था (Security) और संवेदनशीलता पर एक बड़ा धब्बा है। यह घटना दर्शाती है कि जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी को लेकर कितने लापरवाह हैं।निष्कर्ष:कटनी स्टेशन की इस घटना ने रेलवे के ‘स्वच्छ भारत’ और ‘सुरक्षित सफर’ के दावों की पोल खोलकर रख दी है। अब देखना यह होगा कि क्या रेलवे प्रशासन इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं।








