
कटनी: बदहाल सड़क से परेशान स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, देवरी-हटाई-बछौली मार्ग पर किया चक्काजामकटनी। जिले के देवरी-हटाई-बछौली मार्ग की जर्जर हालत और प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों और स्कूली बच्चों का सब्र गुरुवार को जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों और छात्रों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही उनकी समस्याओं को भुला दिया गया है।क्या है पूरा मामला?देवरी-हटाई-बछौली मार्ग पिछले लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। बारिश के दिनों में कीचड़ और गर्मी में धूल के गुबार ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और नेताओं से सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला।स्कूली बच्चों ने बयां किया दर्दइस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। बच्चों ने बताया कि खराब सड़क के कारण वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। कई बार गड्ढों की वजह से साइकिल और वाहन फिसल जाते हैं, जिससे उन्हें चोटें आती हैं और ड्रेस खराब हो जाती है। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर “हमें अच्छी सड़क चाहिए” के नारे लगाए।”चुनाव के बाद कोई सुध नहीं लेता”प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश था कि नेताओं को केवल चुनाव के समय ही जनता की याद आती है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर वोट मांगने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही वे गायब हो जाते हैं। चुनाव के बाद हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। हम अब झूठे आश्वासनों से थक चुके हैं।”प्रशासन की समझाइशचक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने स्पष्ट मांग रखी कि जब तक सड़क निर्माण का ठोस कार्य शुरू नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अधिकारियों द्वारा जल्द ही समस्या के निराकरण और सड़क मरम्मत के आश्वासन के बाद जाम खोला गया।प्रमुख बिंदु:स्थान: देवरी-हटाई-बछौली मार्ग, कटनी।वजह: जर्जर सड़क और बढ़ती दुर्घटनाएं।प्रदर्शनकारी: स्कूली छात्र और स्थानीय ग्रामीण।मुख्य आरोप: चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों द्वारा उपेक्षा।मांग: तत्काल सड़क निर्माण और पक्की मरम्मत।








