कटनी: मनरेगा का नाम बदलने की चर्चा पर कांग्रेस का हल्ला बोल, कहा- ‘काम नहीं, सिर्फ नाम बदलने की राजनीति कर रही सरकार’कटनी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने की अटकलों को लेकर कटनी में सियासी पारा चढ़ गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पुरानी और स्थापित योजनाओं के नाम बदलने की राजनीति कर रही है।विरोध प्रदर्शन और नारेबाजीकांग्रेस पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहर में एकत्र होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर मनरेगा के मूल स्वरूप को बचाए रखने और नाम न बदलने के नारे लिखे थे। कांग्रेस नेताओं ने इसे महात्मा गांधी के अपमान से जोड़ते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की रीढ़ है और इसका नाम बदलना स्वीकार नहीं किया जाएगा।सरकार पर गंभीर आरोपप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा, “मौजूदा सरकार विकास कार्यों में पूरी तरह विफल रही है। अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए वे लगातार पिछली सरकारों द्वारा शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदल रहे हैं। मनरेगा ने देश के करोड़ों गरीबों को रोजगार की गारंटी दी है, लेकिन सरकार अब इस ऐतिहासिक योजना की पहचान मिटाने की कोशिश कर रही है।”नेताओं ने आगे कहा कि सरकार को नाम बदलने की बजाय मनरेगा का बजट बढ़ाने और मजदूरों की मजदूरी समय पर मिलने की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दीप्रदर्शन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि मनरेगा के नाम या स्वरूप के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने का प्रयास किया, तो आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।








