
कटनी में राजस्व अभिलेख स्कैनिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश, 7 लाख पेज की स्कैनिंग पूरीकटनी (मध्य प्रदेश): जिले में राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण और संरक्षण के महत्वपूर्ण कार्य को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर ने स्कैनिंग कार्य का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने अब तक हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और शेष कार्य को शीघ्रता से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।7 लाख से अधिक दस्तावेज़ों की स्कैनिंग हुईनिरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि राजस्व अभिलेख स्कैनिंग परियोजना के तहत अब तक दस्तावेजों के 7 लाख से अधिक पेजों की स्कैनिंग सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। यह कार्य राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल प्रारूप में सुरक्षित रखने के लिए चलाया जा रहा है।कलेक्टर ने दिए तेजी लाने के निर्देशकलेक्टर ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही शेष बचे राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कार्य में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए।उद्देश्य: इस स्कैनिंग कार्य का मुख्य उद्देश्य भू-अभिलेखों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, जिससे ये रिकॉर्ड भविष्य में खराब न हों और आम जनता के साथ-साथ शासकीय कार्यों के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो सकें।पारदर्शिता और सुविधा: अभिलेखों के डिजिटल हो जाने से राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता आएगी और आम नागरिकों को अपने भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करने में लगने वाले समय में कमी आएगी, जिससे उन्हें अत्यधिक सुविधा मिलेगी।कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कैनिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करें और बचे हुए अभिलेखों को चरणबद्ध तरीके से उच्च गति पर स्कैन करने के लिए अतिरिक्त संसाधन और मानव शक्ति का उपयोग करें। यह परियोजना कटनी जिले के भू-प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों में एक बड़ा सुधार लाएगी।








