🔥 कटनी में हड़कंप: कलेक्टर की बात से आहत मजदूर ने जनसुनवाई में किया आत्मदाह का प्रयासकटनी, मध्य प्रदेश: कटनी जिला मुख्यालय पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मजदूर ने कथित तौर पर कलेक्टर की जनसुनवाई में निराशाजनक प्रतिक्रिया मिलने के बाद आत्मदाह का प्रयास किया। यह हृदय विदारक घटना मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हुई, जहाँ मजदूर अपनी समस्या के समाधान की आस लेकर पहुंचा था, लेकिन प्रशासन से उचित सहयोग न मिलने पर उसने यह खतरनाक कदम उठाया।क्या है पूरा मामला?जानकारी के अनुसार, विजयराघवगढ़ क्षेत्र का निवासी एक मजदूर, जिसका नाम मुकेश बर्मन बताया जा रहा है, लंबे समय से अपनी भूमि संबंधी या किसी अन्य गंभीर व्यक्तिगत समस्या को लेकर परेशान था। वह अपनी शिकायत लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के पास गया, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया या उसकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकला।मंगलवार को वह मजदूर अंतिम उम्मीद लेकर जिला जनसुनवाई में पहुंचा। उसके हाथ में एक फाइल थी और साथ ही, उसने पेट्रोल भी ले रखा था।कलेक्टर के केबिन के सामने आत्मदाह का प्रयासबताया जा रहा है कि जनसुनवाई के दौरान मजदूर ने अपनी पीड़ा कलेक्टर के सामने रखी। सूत्रों के मुताबिक, कलेक्टर द्वारा उसकी बात को अनसुना करने या समस्या को गंभीरता से न लेने की वजह से वह अत्यधिक आहत और निराश हो गया।कलेक्टर के केबिन से बाहर आते ही, निराशा से भरे इस मजदूर ने तुरंत परिसर में ही खुद को पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। घटना को देख रहे लोगों और सुरक्षाकर्मियों में तत्काल हड़कंप मच गया।तत्काल हस्तक्षेप से बची जानमौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूर को रोका और उसे आग लगाने से पहले ही पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली गई और उसे तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस तत्काल हस्तक्षेप के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और मजदूर की जान बच गई।प्रशासन पर उठे सवालइस घटना ने एक बार फिर जिला प्रशासन की कार्यशैली और जनसुनवाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। * क्या प्रशासन इतना संवेदनहीन है कि एक आम आदमी को अपनी बात मनवाने के लिए ऐसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा? * जनसुनवाई का क्या उद्देश्य जब फरियादियों को तुरंत राहत न मिलकर निराशा हाथ लगती है? * मजदूर के पास पेट्रोल कैसे पहुंचा कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर? सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई है।स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस मजदूर की समस्या का त्वरित और मानवीय आधार पर समाधान करने की मांग की है। साथ ही, कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई व्यवस्था की तत्काल समीक्षा और सुधार की अपील की है।इस मामले में पुलिस ने मजदूर के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास (धारा 309) के तहत मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला कानूनी कार्रवाई से पहले मानवीय संवेदनशीलता का है।
कटनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 56 हजार क्विंटल धान जब्त, अवैध निकासी पर लगा प्रतिबंध
कटनी में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 56 हजार क्विंटल धान जब्त, अवैध निकासी पर लगा प्रतिबंधस्थान: कटनी, मध्य प्रदेशविषय: अवैध धान भंडारण और परिवहन पर छापेमारीकटनी जिले में धान के…








