
📢 कटनी की सिंधी पंचायतों का ऐतिहासिक फरमान: 1 जनवरी 2026 से विवाह और आयोजनों में दिखानी होगी सादगी!कटनी, मध्य प्रदेश – जिले की चारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों ने समाज में बढ़ती अव्यवस्था, फिजूलखर्ची और आधुनिक दिखावे को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। चारों पंचायतों की संयुक्त महापंचायत ने विवाह तथा अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जो 1 जनवरी 2026 से पूरे जिले में सख्ती से लागू होगी।महापंचायत ने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उद्देश्य सिंधी समाज की परंपराओं और सादगी को बनाए रखना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अनावश्यक बोझ न पड़े।📝 विवाह और आयोजनों के लिए प्रमुख नई गाइडलाइनमहापंचायत ने विवाह समारोहों और तेरहवीं जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए निम्नलिखित सख्त नियम पारित किए हैं:विवाह समारोह पर नियम| श्रेणी | नया नियम (1 जनवरी 2026 से लागू) | उद्देश्य ||—|—|—|| बारात का समय | बारात को अधिकतम दोपहर 3 बजे तक विवाह स्थल पर पहुँचना अनिवार्य। देर रात बारात लाने की परंपरा समाप्त। | समय की पाबंदी और अव्यवस्था पर नियंत्रण। || दूल्हे का प्रवेश | दूल्हा केवल पैदल तथा निकट संबंधियों के साथ ही स्टेज तक जाएगा। | अत्यधिक शोभा-प्रदर्शन पर रोक। || नृत्य पर प्रतिबंध | दूल्हे के चारों ओर या आसपास नृत्य करने की प्रथा पर पूर्णतः प्रतिबंध। | समारोह में अनुशासन बनाए रखना। || भोजन व्यवस्था | विवाह समारोह में सिर्फ एक समय के पंचायती भोजन की अनुमति। | खर्च में कटौती और अनावश्यक भोजन बर्बादी रोकना। || बैंड-दल की सीमा | बैंड-दल को केवल गेट तक सीमित रखा जाएगा; हॉल या मंडप के भीतर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित। | समारोह स्थल के अंदर शोर और अव्यवस्था रोकना। || प्री-वेडिंग शूट | प्री-वेडिंग शूट के चलन को सामाजिक मूल्यों के विपरीत मानते हुए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित। | आधुनिक दिखावे और फिजूलखर्ची पर अंकुश। |अन्य सामाजिक आयोजनों पर नियम * तेरहवीं (13वीं) का आयोजन: इस अवसर पर सामूहिक या पंचायती भोजन की अनुमति नहीं होगी। आयोजन को निकट परिवार तक सीमित रखने का आदेश दिया गया है, ताकि शोक की स्थिति में सादगी बनी रहे। * पगड़ी रसम (पुरुष व महिला): महिलाओं की पगड़ी-रसम पर भी वही नियम लागू होंगे जो पुरुषों पर लागू होते हैं। * पगड़ी रसम में भोजन: पगड़ी रसम के अवसर पर किसी भी प्रकार का पंचायती भोजन या नाश्ता देना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।🤝 समाज से सहयोग की अपीलचारों सिंधी सेंट्रल पंचायतों की संयुक्त महापंचायत ने समाज के सभी सदस्यों, वरिष्ठजनों, और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने समाज से अपील की है कि वे इन महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसलों का सम्मान करें और इनका पालन सुनिश्चित करें। महापंचायत का मानना है कि इन सख्त कदमों से समाज में अनुशासन सुदृढ़ होगा और विवाह जैसे पवित्र आयोजनों की सादगी और परंपरा बनी रहेगी।ये नियम कटनी के सिंधी समाज के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएंगे, जिसका उद्देश्य दिखावे की संस्कृति को त्याग कर सामाजिक और आर्थिक संतुलन स्थापित करना है।








