
एमपी न्यूज़: बाघ के नाखून तस्करी मामले में तीन गिरफ्तार, आरोपी की निशानदेही पर जंगल से मिला कंकालबालाघाट/उकवा: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वन परिक्षेत्र उत्तर उकवा सामान्य में बाघ के नाखून तस्करी के मामले में फरार चल रहे एक और आरोपित सतीश भलावी, निवासी ग्राम मैरा, को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। सतीश भलावी ने पूछताछ में बाघ के नाखूनों का राज खोला, जिसके बाद वन अमले ने 18 अक्टूबर को मैरा लामता के जंगल से बाघ के शव का कंकाल भी खोद निकाला।फरार आरोपी ने उगला राज:12 अक्टूबर को वन परिक्षेत्र उत्तर उकवा सामान्य के अंतर्गत ग्राम छपरवाही के पास अमरूटोला रोड पर चार व्यक्ति बाघ के नाखून बेचने के लिए एक व्यापारी का इंतजार कर रहे थे। वन विभाग को देख वे भागने लगे, जिसमें से महेंद्र मड़ावी और महेंद्र राऊत को पकड़ा गया। इनके पास से लाल कपड़े की पोटली में बंधे 13 बाघ नाखून बरामद हुए थे। इस दौरान सतीश भलावी (नाखून लाने वाला) और किशोर उर्फ नंदकिशोर पटले (व्यापारी से संपर्क रखने वाला) फरार हो गए थे।फरार सतीश भलावी को पकड़ने के बाद उसने स्वीकार किया कि उसने ही नाखून बेचने के लिए महेंद्र मड़ावी को दिए थे। सतीश ने बताया कि उसे ये नाखून चार साल पहले ग्राम मैरा के जंगल में मिले थे। उस समय वह अपनी पत्नी के साथ लकड़ी लेने जंगल गया था, जहां उसे बाघ का मृत और नष्ट हुआ शरीर मिला। उसने वहां से 18 नाखून निकाल लिए थे और घर में रख दिए थे। चार साल बाद तस्करों से संपर्क होने पर उसने इन्हें बेचने का मन बनाया।कंकाल खोदकर निकाला, फोरेंसिक जांच के लिए भेजा:सतीश भलावी की निशानदेही पर वन अमला उस जगह पहुंचा जहां उसे नाखून मिले थे और खुदाई शुरू की। खुदाई में बाघ के सिर वाले हिस्से का कंकाल मिला। सीसीएफ, बालाघाट, गौरव चौधरी के अनुसार, कंकाल बाघ का ही है या नहीं, यह स्पष्ट करने के लिए सैंपल को जबलपुर स्थित फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो पाएगी।तीन आरोपी जेल भेजे गए, एक फरार:इस मामले में अब तक महेंद्र मड़ावी, महेंद्र राऊत और अब सतीश भलावी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, चौथा आरोपित किशोर उर्फ नंदकिशोर पटले अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में वन विभाग की सात सदस्यीय टीम जुटी हुई है।








