
ग्वालियर टीम ने मुरैना में फिर पकड़ा भ्रूण लिंग परीक्षण सेंटर, एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरारमुरैना: ग्वालियर से आई एक टीम ने शुक्रवार को मुरैना शहर के गड़ौरापुरा इलाके में एक और अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और गर्भपात सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को मौके से दबोच लिया गया, जबकि उसका एक सहयोगी भागने में सफल रहा।साढ़े पांच महीने के भीतर यह दूसरा अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण सेंटर है, जिसे ग्वालियर की टीम ने मुरैना में पकड़ा है। खास बात यह है कि हर बार ग्वालियर की टीम ही इन अवैध सेंटरों को पकड़ रही है, जबकि स्थानीय मुरैना प्रशासन को इनकी भनक तक नहीं लगती।ऐसे दिया गया ऑपरेशन को अंजाम:ग्वालियर में महिला एवं बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मुरैना में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण सेंटर चलने की सूचना मिली थी। इसी सूचना पर ग्वालियर की टीम, जिसमें डॉ. बिंदु सिंघल, डॉ. रश्मि मिश्रा, समाजसेविका डॉ. मीना शर्मा, पहाड़गढ़ बीएमओ डॉ. अनुभा माहेश्वरी और डॉ. गजेंद्र कुशवाह शामिल थे, ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय (नकली ग्राहक) बनाकर जौरा रोड पर सोलंकी पेट्रोल पंप के पास दलाल के पास भेजा। * सौदा: दलाल ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 7000 रुपये में सौदा तय किया। * सेंटर तक पहुंच: इसके बाद दलाल महिला को गड़ौरापुरा के एक घर में ले गया, जहां अवैध सेंटर चल रहा था। * गिरफ्तारी: डिकॉय महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण होते ही टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।जब्त मशीन और गिरफ्तार आरोपी: * गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजीव उर्फ संजू शर्मा (निवासी मुरैना) के तौर पर हुई है। * उसके पास से भ्रूण लिंग परीक्षण में इस्तेमाल होने वाली पोर्टेबल मशीन जब्त की गई है। * आरोपी का पड़ोसी संतोष शर्मा नाम का एक अन्य संदिग्ध मौके से भाग निकला।आरोपी और मशीन को सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां उनके खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।साढ़े पांच महीने में दूसरा मामला:ग्वालियर की इसी टीम ने इससे पहले 2 मई को धौलपुर में मुरैना के पंकज तिवारी को भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ा था। पंकज तिवारी के लिए दलाली करने वाली आशा कार्यकर्ता सुनीता जाटव को भी गिरफ्तार किया गया था। पंकज तिवारी अभी भी जेल में है।लिंगानुपात में भारी कमी:टीम प्रभारी डॉ. बिंदु सिंघल ने बताया कि मुरैना में लिंगानुपात बेहद कम है (1000 लड़कों पर 850 से कम लड़कियां), जिसका मुख्य कारण भ्रूण हत्या है। समाजसेविका मीना शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की अशिक्षित महिलाओं को पुत्रमोह में बहला-फुसलाकर इन सेंटरों पर लाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह उनका आठवां स्टिंग ऑपरेशन है।आरोपी का बचाव:गिरफ्तारी के बाद आरोपी संजीव उर्फ संजू शर्मा ने आरोपों से इनकार किया है। उसने पूछताछ में कहा कि यह कार्रवाई ताजा नहीं है, बल्कि एक पुराने वीडियो के आधार पर की गई है, जिसके जरिए पहले गिरफ्तार हुआ पंकज तिवारी उसे ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपये ऐंठ चुका है। संजू ने दावा किया कि संतोष शर्मा ने उसे मकान देखने के बहाने बुलाया था और वह निर्दोष है। हालांकि, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और संतोष नाम के भागे हुए आरोपी की तलाश जारी है।








