
तोतों की तस्करी करने वाली गैंग का भंडाफोड़, 25 से 500 रुपये में होता था सौदा, वन विभाग ने ऐसे धर दबोचाबालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में वन्यप्राणियों के शिकार के साथ अब तोतों की तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग के उड़नदस्ते ने छत्तीसगढ़ के पारदी गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा है, जो कथित तौर पर तोतों को पकड़कर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 25 रुपये से लेकर 500 रुपये तक में बेचते थे।किसान की मजबूरी बनी तस्करी का धंधा:यह गिरोह मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में सक्रिय है, लेकिन छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटे होने के कारण इनकी सक्रियता बालाघाट के लांजी क्षेत्र में भी पाई गई है। गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में बताया है कि वे धान की फसल को तोतों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए किसानों की मदद करने के बहाने इस अवैध कारोबार को अंजाम देते थे। * तरीका: खरीफ सीजन में जब धान की बालियां आती हैं, तो तोते झुंड में आकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। किसान अक्सर तोते पकड़ने के लिए इस पारदी गिरोह को बुलाते हैं। गिरोह इसी मजबूरी का फायदा उठाकर जाल बिछाकर तोतों का शिकार करता है। * शिकार किए गए पक्षी: ये गिरोह तोता के अलावा तीतर और लावा पक्षी का भी शिकार करते थे। * डिमांड: बालाघाट में पाई जाने वाली तोतों की तीन प्रजातियों में से ‘करण’ प्रजाति के तोतों की डिमांड सबसे अधिक होती है और वे अधिक दाम में बिकते हैं।वन विभाग की कार्रवाई:पश्चिम लांजी वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत राजस्व ग्राम कुम्हारीकला में अवैध तरीके से तोते पकड़ते हुए वन विभाग के उड़नदस्ते ने गिरोह को रंगे हाथों पकड़ा।गिरफ्तार किए गए सदस्य:गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है: * शेरसिंह पिता अमृतलाल पारदी (ग्राम अछोली डोंगरगढ़) * सुमेर सिंह पिता अमृतलाल पारदी (ग्राम अछोली डोंगरगढ़) * भारत पिता जीवन पारदी (खोबाटोला डोंगरगढ़) * संतोष पिता कन्हैया (बोरसी बेमेतरा) * विनय पिता बुधारसिंह (ग्राम अछोली डोंगरगढ़)उड़नदस्ता प्रभारी अजय चौरे ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि पकड़े गए लोग 25 रुपये से 500 रुपये तक में तोतों को छत्तीसगढ़ में ले जाकर बेचते थे। मामले की विवेचना जारी है।यह कार्रवाई बताती है कि वन्यजीवों की तस्करी का जाल सिर्फ बाघ या तेंदुए तक सीमित नहीं है, बल्कि घरों में पाले जाने वाले खूबसूरत पक्षी भी इस अवैध कारोबार का शिकार हो रहे हैं।








