
ज़रूर, मैं इस ख़बर को एक सीधी-सादी खबर के रूप में प्रस्तुत करता हूँ:सिवनी हवाला डकैती मामला: 11वां पुलिसकर्मी गिरफ्तार, दो सरकारी वाहन जब्त; SIT ने बढ़ाई जांचसिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी में हवाला के करोड़ों रुपये की कथित डकैती और अपहरण के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने कार्रवाई तेज़ कर दी है। बुधवार देर रात इस मामले में फरार चल रहे 11वें पुलिसकर्मी, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें गुरुवार को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड मांगी जाएगी।मुख्य बिंदु: * गिरफ्तारी: SIT ने बुधवार देर रात प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला को गिरफ्तार किया। यह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 11वें पुलिसकर्मी हैं। * जब्ती: SIT ने घटना में उपयोग किए गए दो सरकारी वाहनों और निलंबित SDOP के रीडर रविंद्र उइके की वैगनआर कार को जब्त कर लिया है। * बरामदगी: SIT अब तक हवाला के कुल 2 करोड़ 70 लाख रुपये जब्त कर चुकी है। * इसमें से 1.45 करोड़ रुपये SDOP पूजा पांडे और SI अर्पित भैरम से बरामद हुए थे। * बाकी 1.25 करोड़ रुपये नागपुर के आकाश जैन और अमन गुरनानी से जब्त किए गए थे। * जांच: SIT, जिसका नेतृत्व क्राइम ब्रांच जबलपुर के एएसपी जितेंद्र सिंह कर रहे हैं, सभी 11 गिरफ्तार पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर रही है। * मामला: यह पूरा मामला 8-9 अक्टूबर की रात का है, जब SDOP पूजा पांडे की अगुवाई में 11 पुलिसकर्मियों ने सिवनी-नागपुर हाईवे (NH-44) पर एक कार से लगभग 2 करोड़ 96 लाख 50 हज़ार रुपये की हवाला रकम पकड़ी थी। आरोप है कि उन्होंने इस रकम को जब्त करने या सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय, आपस में बाँटने की साज़िश रची और हवाला कारोबारियों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया। * FIR: उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुँचने और भंडाफोड़ होने के बाद, SDOP पूजा पांडे, SI अर्पित भैरम समेत 11 पुलिसकर्मियों पर 14 अक्टूबर को लखनावाड़ा पुलिस स्टेशन में डकैती, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। * मुख्यमंत्री का रुख: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है। SIT अब मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र तक फैले इस हवाला रैकेट और इसमें शामिल अन्य बड़े आरोपितों की तलाश में छापेमारी कर रही है।








