
ज़रूर, यह रही खबर:जहरीले कफ सीरप के बाद अब छिंदवाड़ा के राजोला गांव में पानी से फैली बीमारी: 10 गंभीर, 374 का इलाज जारीछिंदवाड़ा/अमरवाड़ा। जिले के अमरवाड़ा विकासखंड के ग्राम राजोला में दूषित पानी के कारण उल्टी, दस्त और बुखार फैलने से हड़कंप मच गया है। मंगलवार दोपहर अचानक ग्रामीणों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। अब तक कुल 374 मरीजों को त्वरित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जबकि 10 गंभीर मरीजों को सिंगोड़ी अस्पताल रेफर किया गया है। 141 मरीजों को आईवी फ्लूइड (ड्रिप) के माध्यम से उपचार दिया जा रहा है।प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई: * सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाडे के नेतृत्व में जिला स्तरीय और विकासखंड स्तरीय चिकित्सकीय टीम राजोला में तैनात है। * गांव के ग्राम पंचायत भवन और आंगनवाड़ी केंद्र में दस बिस्तर का अस्थाई अस्पताल बनाया गया है। * स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 458 घरों का सर्वे किया है। * शुरुआती जांच और इलाज के दौरान मंगलवार को 233 लोगों का उपचार किया गया, जिनमें से 93 को ड्रिप लगाई गई और 150 को दवाएं दी गईं। * गांव में आपात स्थिति से निपटने के लिए 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।विधायक ने कलेक्टर को दी सूचना, टंकी सफाई का निर्देश:मामले की गंभीरता को देखते हुए अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह ने तुरंत जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंग को फोन कर स्थिति से अवगत कराया। विधायक के निर्देश पर एसडीएम अमरवाड़ा हेमकरण धुर्वे और स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंची।विधायक के निर्देश पर पीएचई विभाग के एसडीओ चौधरी को गांव की पानी की टंकी की सफाई करने और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।कलेक्टर हरेंद्र नारायन के निर्देश पर एसडीएम हेमकरण धुर्वे, प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मरीजों का सतत उपचार कर रही है। चिकित्सकीय टीमों में कई डॉक्टर और मैदानी कार्यकर्ता शामिल हैं जो घर-घर सर्वे कर रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।








