कटनी जिले के बड़वारा तहसील अंतर्गत बरगवां ग्राम पंचायत में सड़क किनारे स्थित एक अवैध खदान गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। नन्हवारा हाई सेकेंडरी विद्यालय से मात्र 50 मीटर दूर यह खाईनुमा खदान बच्चों और मवेशियों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है।
स्थानीय नागरिक लगातार प्रशासन से सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।यह खदान लगभग 30 फीट से अधिक गहरी बताई जा रही है और काले पानी से लबालब है। यह खदान कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के किनारे स्थित है, जिससे यहां से गुजरने वाले सैकड़ों स्कूली बच्चों और ग्रामीणों पर हर पल खतरा मंडराता रहता है
स्थानीय नागरिक राजाराम पटेल के अनुसार, यह खदान लगभग 25 साल पहले बिना अनुमति के संचालित की गई थी और मटेरियल निकालने के बाद इसे खुला छोड़ दिया गया। तब से लेकर अब तक इसमें मवेशी और वन्य प्राणी गिरते रहते हैं। नन्हवारा गांव के कई किसानों के खेत भी इसी खदान के आसपास लगे हुए हैं।
दो आदिवासी बच्चों की हो चुकी है मौत
क्षेत्र में खुले पड़े ऐसे गड्ढे पहले भी जानलेवा साबित हुए हैं। दो वर्ष पूर्व इसी बरगवां ग्राम पंचायत के जमुनिया गांव में पत्थर टेस्टिंग के लिए खोदे गए एक गड्ढे में डूबने से दो मासूम आदिवासी बच्चों की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद प्रशासन ने खदान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उस हादसे से कोई सबक नहीं लिया गया।
अभियान से दूर रखी गई खदान
कटनी जिले में कलेक्टर के निर्देशन पर हादसों को रोकने के लिए लगातार लंबे समय से खुले में पड़े अनुपयोगी कुंए, बोरिंग और बौलियो को पाटने का अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि यह जानलेवा अवैध खदान इस अभियान से दूर रखी गई है।
सरपंच ने की पत्राचार की बात
बरगवां ग्राम पंचायत के सरपंच भगत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस खदान में सुरक्षा के इंतजाम करने को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया है और मौखिक रूप से भी सुरक्षा व्यवस्था की मांग रखी है। लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
तार फेंसिंग कराई जाएगी
इस संबंध में बड़वारा, तहसीलदार, ऋषि गौतम कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से तार से फेंसिंग कराई जाएगी। आवश्यकता के अनुसार और भी अन्य सुरक्षा के उपाय के लिए संबंधित पंचायत को निर्देशित किया जाएगा, संभवत: एक सप्ताह के अंदर कर दिए जाएंगे।






