
धर्मराज पुरी महाराज का अद्भुत संकल्प: हाथों के बल पूरी करेंगे 3500 KM की नर्मदा परिक्रमा, लगेंगे चार सालडिंडौरी करंजिया। मां नर्मदा की भक्ति में लीन भक्तों के निराले रूप सामने आते रहे हैं, लेकिन डिंडौरी जिले के करंजिया विकासखंड निवासी धर्मराज पुरी महाराज ने जो संकल्प लिया है, वह किसी आश्चर्य से कम नहीं है। उन्होंने अमरकंटक से दशहरा पर्व के दिन से मां नर्मदा की 3500 किलोमीटर लंबी परिक्रमा हाथों के बल चलकर शुरू की है। यह असाधारण तपस्या लगभग चार वर्ष में पूरी होगी।जहां सामान्यतः भक्त पैदल या दंडवत होकर नर्मदा परिक्रमा करते हैं, वहीं धर्मपुरी महाराज का हाथों के सहारे परिक्रमा करना आस्था और समर्पण का एक दुर्लभ उदाहरण है। यह कठिन साधना चर्चा का विषय बनी हुई है, खासकर तब जब परिक्रमा मार्ग डिंडौरी से अमरकंटक मुख्य मार्ग पर टू-लेन सड़क कार्य के चलते ऊबड़-खाबड़ बना हुआ है।महाराज श्री ने बताया कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि तपस्या के साथ समर्पण भी है। उनका उद्देश्य अपने शरीर की सीमाओं को पार कर अध्यात्म के शिखर पर पहुंचने का प्रयास करना है। उनकी इस अद्भुत परिक्रमा को देखकर स्थानीय लोग भी हैरत में हैं और इसे अपने जीवनकाल का पहला ऐसा दुर्लभ नजारा बता रहे हैं।महाराज जी अभी तक लगभग 30 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं और वे प्रतिदिन लगभग तीन किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं। इस कठिन परिक्रमा में उनके शिष्य भी उनके साथ चल रहे हैं। धर्मपुरी महाराज का यह महान संकल्प आस्था के प्रति उनके गहरे समर्पण और अद्भुत शारीरिक व आध्यात्मिक शक्ति को दर्शाता है।








