
देश के नाम शहीद हुए नायक संजय मीणा, पत्नी ने अनजाने में किया करवा चौथ का व्रत; सुबह पति के पार्थिव शरीर को देख बिलख पड़ींदेवास। देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले देवास जिले के टोंकखुर्द तहसील के ग्राम संवरसी के बलिदानी नायक संजय मीणा (11वीं ग्रेनेडियर अंबाला) को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। संजय मीणा की अंतिम यात्रा उन्हीं गलियों से निकली, जहाँ उनका बचपन बीता था। परिवार के साथ-साथ पूरे संवरसी और आस-पास के गाँवों व नगरों से हज़ारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए, सबकी आँखें नम थीं।पत्नी को नहीं थी शहादत की जानकारीशहीद संजय मीणा की पत्नी पूनम मीणा को उनके बलिदान की सूचना नहीं दी गई थी। पूनम मीणा ने शुक्रवार को करवा चौथ का व्रत रखा और पूजन भी किया। शनिवार सुबह जब उन्हें पति के इस दुनिया में न होने की जानकारी मिली, तो वह बेसुध हो गईं और पति के पार्थिव शरीर को देखकर बिलख पड़ीं। माता पार्वतीबाई मीणा का भी बुरा हाल था।10 वर्षीय पुत्र ने दी मुखाग्निसुबह इंदौर एयरपोर्ट से लेकर संवरसी तक सैकड़ों स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। पूरे रास्ते ‘संजय मीणा अमर रहे’ और देशभक्ति के नारे गूंजते रहे। दोपहर करीब 12 बजे सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद गांव के सार्वजनिक मुक्तिधाम पर शहीद संजय के 10 वर्षीय पुत्र युवराज ने उन्हें मुखाग्नि दी। शहीद के सम्मान में गाँव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला और दुकानें बंद रहीं।शहीद के नाम पर बनेगा स्मारक, स्कूल का होगा नामकरणअंतिम संस्कार में शामिल सोनकच्छ विधायक डॉ. राजेश सोनकर ने शहीद संजय मीणा की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गांव में शहीद के नाम पर बलिदान स्मारक और द्वार बनाया जाएगा, साथ ही गाँव के हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम भी संजय मीणा के नाम पर किया जाएगा।








