
02 अक्टूबर।महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर जिले की सभी पंचायतों में तय एजेंडा के अनुसार ग्राम सभाओं का व्यापक आयोजन किया गया। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अधिकारी विभिन्न ग्राम सभाओं में पहुंचे और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं एवं अभियानों की जानकारी दी।ग्राम सभाओं में दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान के तहत पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने पर जोर दिया गया। वन विभाग ने पांच वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी समितियों के पुनर्गठन पर चर्चा की, वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की सामाजिक संपरीक्षा कर ग्रामीणों से संवाद किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायतों में ओएसआर सृजन बढ़ाने, अटल ई-सेवा केंद्र और ई-कोर्ट की स्थापना, सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण, शमशान स्थलों के विकास तथा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा अंतर्गत “एक बगिया मां के नाम”, गंगोत्री हरित परियोजना, अमृत सरोवर 2.0 और महिला श्रमिकों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी विमर्श हुआ।राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्राम समृद्धि (व्हीपीआरपी) का प्रस्तुतिकरण, प्राकृतिक खेती, लखपति दीदी योजना की सूची वाचन और लोक अधिकार केंद्र पर चर्चा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मॉडल श्रेणी ओडीएफ प्लस ग्रामों के मानक बताए गए और ग्रामीणों को स्वच्छता शपथ दिलाई गई।सामाजिक न्याय विभाग की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान पर चर्चा व शपथ दिलाई गई। पेंशन हितग्राहियों की सूची का वाचन और मृत नामों का विलोपन किया गया। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और स्माइल योजना के तहत उभयलिंगी व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी बात हुई।वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से उपलब्ध 12 प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं, पैथोलॉजिकल जांच, औषधि उपलब्धता, जन आरोग्य समिति, ग्राम स्वास्थ्य समिति और एचआईवी-एड्स से बचाव पर ग्रामीणों को जागरूक किया।ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं और अभियानों को ग्रामीण स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।








