

इंदौर। इंदौर लोकायुक्त पुलिस के ट्रैप दल ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित सहायक ग्रेड-3 बाबू नरेंद्र नरवरिया को ₹50 हज़ार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। यह रिश्वत उसने तहसील कार्यालय खुड़ैल में नामांतरण (ज़मीन ट्रांसफर) के कार्य के लिए मांगी थी।

लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के अनुसार, आवेदक एडवोकेट कृष्ण कुमार दांगी ने मामले की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि बाबू नरेंद्र नरवरिया ने उनकी विधवा बुआ भगवती बाई निवासी ग्राम खराड़ीया की ज़मीन के नामांतरण के लिए नायब तहसीलदार खुड़ैल दयाराम निगम के साथ मिलकर ₹50 हज़ार की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत की पुष्टि होने पर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप प्लान बनाया। बाबू नरवरिया ने रिश्वत की राशि लेकर तहसील कार्यालय बुलाया और पैसे अपनी टेबल की दराज में रख लिए। जैसे ही रिश्वत ली गई, आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने आरोपी को दबोच लिया।कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार मौके पर उपस्थित नहीं थे, लेकिन शिकायत में उनकी संलिप्तता पाए जाने के कारण, नायब तहसीलदार दयाराम निगम को भी आरोपी बनाया गया है।

दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 और 13(1) के तहत कार्रवाई की गई है।ट्रैप दल में डीएसपी सुनील तालाना, इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास, सब-इंस्पेक्टर रहीम खान सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।








