
एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी में भव्य हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन
विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) विशाख रिफाइनरी, विशाखापट्टनम ने हाल ही में राजभाषा हिंदी पखवाड़े के अवसर पर एक भव्य हिंदी कवि सम्मेलन का आयोजन किया। यह आयोजन हिंदी के साहित्यिक और बोलचाल के विभिन्न रूपों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी निदेशक (वीआरएमपी) अभिषेक त्रिवेदी ने की। क्षेत्र के वरिष्ठ व्यंग्यकार और कवि नीरव वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
एचपीसीएल विशाख रिफाइनरी के राजभाषा अधिकारी अभिषेक कुमार ने उपस्थितों का स्वागत करते हुए कवि सम्मेलन के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष श्री अभिषेक त्रिवेदी ने इस अनूठे प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि विशाख रिफाइनरी एक लघु भारत है, जहां देश के चारों दिशाओं से कर्मचारी कार्यरत हैं, और ऐसे में हिंदी को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम उत्प्रेरक का काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह आयोजन हिंदी के साहित्यिक रूप और राजभाषा के कार्यान्वयन रूप को साथ लेकर नए लक्ष्य हासिल करेगा।
कवि सम्मेलन में शहर के कई प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिन्होंने जीवन के विभिन्न पहलुओं और स्थितियों को रेखांकित किया। इनमें डॉ. के अनीता (‘हिंदी मेरी महान है’), रामप्रसाद यादव (‘आदम से आदमी तक का सफर’), बी एस मूर्ति (सैनिक और शहरी जीवन पर), सीमा वर्मा (‘बेटी क्यों रोती है?’), डॉ. मधुबाला कुशवाहा (‘आत्मा की भाषा हिन्दी’), डॉ. टी महादेव राव (‘भ्रम और अश्वत्थामा’), और संचालक नीरव वर्मा (‘जीवन की ज्यामिति’) शामिल थे।
इनके साथ ही, विशाख रिफाइनरी के कर्मचारियों – अनिलेश सिंह, आर सरोजिनी, के एस दीपक, अनुज श्रीवास्तव, गंगराजू, आलम रफीक और राजकुमार अभिनव मनीष ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उपस्थित कर्मचारियों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) जी किरण कुमार ने इस तरह के आयोजनों को हिंदी के प्रचार-प्रसार और उसे नई सशक्त दिशा देने वाला बताया। उन्होंने आमंत्रित कवियों, दर्शकों और आयोजकों को इस सफल कार्यक्रम के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।








